भारत में मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा पर ईरान ने जताई चिंता
भारत में मुसलमानों के विरुद्ध हुई हिंसा पर ईरान ने खेद व्यक्त किया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत में मुसलमानों के विरुद्ध हिंसा पर खेद व्यक्त करते हुए कहा है कि ईरान, भारत को एक सहिंष्णु देश के रूप में देखता है। एसे में हिंसा से संबन्धित ख़बरें, चिंता का विषय हैं।
सैयद अब्बास मूसवी ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में भारत में जारी हिंसा की समाप्ति की आशा जताते हुए इसे यथाशीघ्र समाप्त होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि भारतीय नेताओं की सूझबूझ के कारण यह आशा जताई जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान, बड़ी चिंता के साथ आधिकारिक चैनेल के माध्यम से भारत में सांप्रदायिक हिंसा पर दृष्टि रखे हुए है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने इस संवाददाता सम्मेलन में तेहरान की ओर से तुर्की तथा सीरिया के बीच मध्यस्थता के संदर्भ में कहा कि हम आस्ताना मैकेनिज़्म को ही सीरिया संकट के समाधान का उपयुक्त हल मानते हैं। उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र में शांति की स्थापना तक हम अपने प्रयासों को जारी रखेंगे। अब्बास मूसवी ने इसी प्रकार हुरमुज़ स्ट्रेट में फ़्रांस की सैनिक उपस्थिति के बारे में कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की विदेशी उपस्थिति, अशांति का कारण बनेगी जो असार्थक क़दम है। उन्होंने कहा कि फ़ार्स की खाड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में विदेशी सैनिकों की उपस्थिति, निश्चित रूप में अशांति और अस्थिरता का कारण है। अब्बास मूसवी का कहना था कि इस क्षेत्र की शांति एंव सुरक्षा, पड़ोसी देशों के आपसी सहयोग से ही संभव है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसवी ने अमरीका और तालेबान के बीच समझौते के बारे में कहा कि ईरान का यह मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान में किसी भी प्रकार की शांति के लिए यह आवश्यक है कि वहां की सरकार के नेतृत्व में अफ़ग़ानिस्तान के सभी गुटों की सम्मिलिति से क़दम उठाया जाए।