अमरीकी प्रतिबंधों के कारण दवाएं ख़रीदने में अक्षम है ईरानः क़शक़ावी
स्पेन में ईरान के राजदूत हसन क़शकावी ने कहा है कि ईरान ही विश्व का एसा देश है जो विदेश से दवाएं नहीं ख़रीद पा रहा है।
हसन क़शक़ावी ने कहा कि अमरीका की ओर से बैंकों पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण ईरान, कोरोना वायरस से मुक़ाबला करने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय बाज़ार से दवाएं और चिकित्सा उपकरण नहीं ख़रीद पा रहा है।
उन्होंने बताया कि हर प्रकार की बैंकिग कार्यवाही के लिए विदेशी पूंजी निवेश पर नियंत्रण वाली अमरीकी संस्था OfAK की सहमति ज़रूरी है। हसन क़शक़ावी ने बताया कि यह अमरीकी संस्था ईरान की ओर से दवाएं और चिकित्सा उपकरण ख़रीदने के लिए विदेशी बैंकों और कंपनियों को अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि यह काम खुला हुआ अन्याय और अत्याचार है जो मानवता विरोधी भी है।
हसन क़शक़ावी ने बताया कि अमरीकी, कोरोना वायरस को ईरान के विरुद्ध एक हथकण्डे के रूप में प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व जनमत का ध्यान इस ओर से हटाने के लिए अमरीकी संचार माध्यमों का प्रयोग करते हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव को पत्र भेजकर तेहरान के विरुद्ध अमरीका के एकपक्षीय एवं ग़ैर क़ानूनी प्रतिबंधों को हटवाने की मांग की थी। अपने पत्र में जवाद ज़रीफ़ ने लिखा था कि ईरान को दवाएं और चिकित्सा उपकरण बेचने पर लगे प्रतिबंधों के कारण कोरोना वायरस से मुक़ाबला करने में ईरान को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।