आईएमएफ़ और विश्व बैंक अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाएंः रूहानी
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक को अपनी ज़िम्मेदारियां निभानी चाहिए।
डाॅक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि वर्तमान कठिन एवं जटिल परिस्थितियों में विश्व बैंक तथा आईएमएफ़ को अपने दायित्वों का निर्वाह उचित ढंग से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर संसार इस बात से दूसरा अर्थ निकालेगा। राष्ट्रपति रूहानी ने बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में कहा कि ईरान ने पिछले 50 वर्षों के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष आईएमएफ़ से कोई सहायता नहीं ली है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ़ अगर, ईरान तथा दूसरे देशों के बीच भेदभाव करता है तो यह बात स्वीकार्य नहीं होगी। राष्ट्रपति ने अमरीका के एकपक्षीय क्रियाकलापों की ओर संकेत करते हुए कहा कि उसने हमेशा ही एकपक्षीय नीति अपनाई है और कोरोना संकट के समय भी वह अपने उसी अड़ियल रवैये पर डटा हुआ है।
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि वाइट हाउस, आर्थिक मामलों के अतिरिक्त उपचार के क्षेत्र में भी आतंकवादी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के बारे में अमरीका ने 2005 के अन्तर्राष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन किया है जिसके अनुसार महामारी के समय सब देशों को एक-दूसरे से सहयोग करना चाहिए। हसन रूहानी ने कहा कि अमरीकी सत्ताधारियों का यह अत्याचार, इतिहास में बाक़ी रहेगा कि उन्होंने इस विषम परिस्थिति में भी ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध दबाव नहीं समाप्त किया। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस से मुक़ाबले के लिए आवश्यक उपकरणों की ख़रीदारी के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष आईएमएफ़ से ईरान को ऋण दिए जाने का अमरीका ने विरोध किया है।