आयतुल्लाह ख़ामेनई के कार्यालय और आवास पर हमला करना चाहता था अमरीका!
ईरान की रेवोलुशनरी गार्ड फ़ोर्स आईआरजीसी के एरोनाटिकल विभाग के प्रमुख जनरल अमीर अली हाजीज़ादे ने कहा कि अमरीका ने ईरान में जिन 52 सांस्कृतिक ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी थी उनमें एक आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई का कार्यालय और आवास था लेकिन अमरीकियों ने देखा कि इराक़ में उनकी एनुल असद छावनी पर बड़ा मिसाइल हमला हो गया है और उसके बाद सुबह को आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और उनका भाषण लाइव प्रसारित हुआ तो अमरीकी अपनी योजना से पीछे हट गए।
जनरल हाजीज़ादे ने शुक्रवार को एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या के बाद अमरीका यह संदेश देना चाहता था कि जब हमने क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर को निशाना बना दिया तो फिर हम कोई भी कार्यवाही कर सकते हैं ताकि हर तरफ़ अमरीका का ख़ौफ फैल जाए मगर यह अमरीकियों की ग़लतफ़हमी थी कि ईरान जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या का इंतेक़ाम नहीं लेगा।
जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या के बाद पूरे ईरान में जनता की ओर से मांग उठी थी कि इंतेक़ाम लिया जाए और अमरीका ने धमकी दी थी कि अगर ईरान ने इंतेक़ाम लेने की कोशिश की तो ईरान के भीतर 52 जगहों पर अमरीका हमला करेगा।
जनरल हाजीज़ादे ने कहा कि हमने एनुल असद पर जब मिसाइल बरसाए तो हमें यह उम्मीद थी कि अमरीका भी जवाबी हमला करेगा इसलिए हमने अमरीका से संबंधित 400 ठिकानों को अपने निशाने पर ले रखा था। यदि अमरीका हमला करता तो इन चार सौ ठिकानों पर हम हमला कर देते।