अमरीकी गुंडागर्दी के डर से ब्रिटेन और फ्रांस ने बनाई नीतिः मूसवी
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि नूर सेटेलाइट के बारे में ब्रिटेन और फ्रांस की नीति पूरी तरह से अमरीकी गुंडागर्दी के भय से से प्रभावित है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr २५, २०२० ०४:३५ Asia/Kolkata
  • अमरीकी गुंडागर्दी के डर से ब्रिटेन और फ्रांस ने बनाई नीतिः मूसवी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि नूर सेटेलाइट के बारे में ब्रिटेन और फ्रांस की नीति पूरी तरह से अमरीकी गुंडागर्दी के भय से से प्रभावित है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि ईरान के नूर सेटेलाइट के बारे में ब्रिटेन और फ्रांस की हालिया नीति पूरी तरह से अमरीकी गुंडागर्दी से प्रभावित है।  सैयद अब्बास मूसवी ने कहा है कि यह ब्रिटेन और फ़्रांस का यह दृष्टिकोण, उनके दोहरे मानदंडों का प्रतीक है जो अमरीकी गुंडागर्दी से प्रभावित है।  उन्होंने कहा कि नूर सेटेलाइट को लेकर ब्रिटेन और फ़्रांस का दृष्टिकोंण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसवी ने कहा कि शांतिपूर्ण लक्ष्यों के लिए अंतरिक्ष औद्योगिकी का प्रयोग, ईरान के प्रतिरक्षा कार्यक्रमों का भाग है।  उन्होंने कहा कि कोई भी अन्तर्राष्ट्रीय क़ानून ईरान को इस तकनीक के प्रयोग से रोकता नहीं है।  अब्बास मूसवी ने ब्रिटेन तथा फ़्रांस की ओर से सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक-2231 की एकपक्षीय व्याख्या को रद्द करते हुए कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण लक्ष्यों के लिए है जिसकी पुष्टि अन्तर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेन्सी आईएईए कई बार कर चुकी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि परमाणु समझौते से एकपक्षीय रूप से निकलकर अमरीका, आए दिन सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव-2231 का उल्लंघन कर रहा  है।  उन्होंने कहा कि यूरोप की ओर से इस उल्लंघन पर कोई प्रतिक्रिया न देना बड़े आश्चर्य की बात है। अब्बास मूसवी ने ब्रिटन तथा फ़्रांस की ओर से चिंता इस हालत में जताई जा रही है कि जब वे स्वंय ही लंबे समय से क्षेत्र में तनाव उत्पन्न करने का कारक रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि आधुनिक तकनीक पर एकाधिकार जमाने वाले अमरीका और उसके पश्चिमी घटक यह दावा कर रहे हैं कि ईरान ने अंतरिक्ष में सेटेलाइट भेजकर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव-2231 का उल्लंघन किया  है।  ज्ञात रहे कि इससे पहले विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ कह चुके हैं कि सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक-2231 की ग़लत व्याख्या करके अमरीका और यूरोप किसी को भी ईरान को नसीहत करने का कोई अधिकार नहीं है।