आयतुल्लाह नूरी हमदानी का बयान, इस्राईल अपना बोरिया बिस्तरा बांध ले
बहरैन के वरिष्ठ शीया धर्मगुरु आयतुल्लाह शैख़ ईसा क़ासिम ने अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के साथ संबंध सामान्य करने के लिए कुछ इस्लामी देशों के प्रयासों की आलोचना करते हुए कहा कि इस्राईल के साथ संबंध स्थापित करने का मतलब, बैतुल मुक़द्दस की उमंगों के साथ विश्वासघात और ग़द्दारी है और साथ ही प्रतिरोध के समर्थन से हाथ खींचना है।
अंतर्राष्ट्रीय बैतुल मुक़द्दस आन लाइन कांफ़्रेंस में कहा कि इस्लाम के लक्ष्यों की प्राप्ति जिनमें फ़िलिस्तीनी उमंगों की परिपूर्णता और बैतुल मुक़द्दस की स्वतंत्रता शामिल है, समस्त इस्लामी सरकारों और मुस्लिम राष्ट्रों के लक्ष्यों की प्राप्ति के समान है जिसके परिणाम में हर प्रकार के अत्याचार की समाप्त हो जाएगी।
ईरान के एक वरिष्ठ धर्मगुरु आयतुल्लाह नूरी हमदादी ने भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी और इस्लामी जगत के स्तर पर भी मुसलमानों का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा, यही फ़िलिस्तीन का मुद्दा और बैतुल मुक़द्दस का मामला है।
उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय को जान लेना चाहिए कि फ़िलिस्तीनी जनता के अतिरिक्त और कोई, उनके भविष्य का फ़ैसला करने का हक़ नहीं रखता और अतिग्रणहारी ज़ायोनी शासन को जितनी जल्दी हो सके, क्षेत्र से अपना बोरिया बिस्तर बांध लेना चाहिए। (AK)