अमरीकी प्रतिबंधों ने 33 देशों पर विध्वंसक प्रभाव डाला हैः अब्बास मूसवी
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अब्बास मूसवी ने कहा है कि अमरीका को विश्व के किसी भी देश के बारे में फैसला करने का कोई क़ानूनी, राजनीतिक या नैतिक अधिकार नहीं है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २५, २०२० १६:५९ Asia/Kolkata
  • अमरीकी प्रतिबंधों ने 33 देशों पर विध्वंसक प्रभाव डाला हैः अब्बास मूसवी

अब्बास मूसवी ने कहा है कि अमरीका को विश्व के किसी भी देश के बारे में फैसला करने का कोई क़ानूनी, राजनीतिक या नैतिक अधिकार नहीं है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने देश में बारे में अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के बयान को निराधार बताते हुए रद्द कर दिया।  अमरीका की ओर से ईरान पर कुछ विध्वंसक कार्यवाहियों को व्यवस्थित करने के आरोप का अब्बास मूसवी ने खण्डन किया।  उन्होंने कहा कि यह वे काल्पनिक आरोप हैं जिनके बारे में कभी भी कोई प्रमाण पेश नहीं किया गया।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मूसवी ने बताया कि पिछले 100 वर्षों के दौरान अमरीका ने कम से कम 55 स्वतंत्र देशों के आंतरिक मामलों में खुलकर हस्तक्षेप किया है।उन्होंने कहा कि अमरीकी प्रतिबंधों ने 33 देशों पर विध्वंसक प्रभाव डाला है।  अब्बास मूसवी ने बताया कि अमरीका ने अपना अधिक समय रक्तपात में बिताया और 135 युद्ध किये।  सैयद अब्बास मूसवी ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमरीका की ओर से दूसरे देशों में सैन्य विद्रोह करवाने या सरकारों को हटवाने जैसे कामों की ओर संकेत करते हुए कहा कि इन कामों के साथ ही अमरीका ने विश्व के बहुत से नेताओं की जासूसी की जिसमें से अधिकांश उसके घटक देशों के नेता थे।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमरीका को आतंकवादी सरकार बताया।  उन्होंने कहा कि पुष्ट प्रमाणों के अनुसार अमरीका ने सन 1960 से अबतक पूरी दुनिया विशेषकर मध्यपूर्व, लैटिन अमरीका और यूरोप में कम से कम 8 कुख्यात आतंकी गुटों का समर्थन किया है।    उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान, इराक़, सीरिया, लीबिया, सोमालिया और यमन जैसे देशों में तथाकथित आतंकवाद विरोधी कार्यवाही में हज़ारों की संख्या में आम लोग मारे जा चुके हैं और यह सिलसिला अब भी जारी है।  सैयद अब्बास मूसवी ने कहा कि उचित तो यह होगा कि अमरीका पहले अपने काले इतिहास का गहराई से अध्ययन करे उसके बाद दूसरों से बात करने की कोशिश करे।