ज़रीफ़ की इराक़ यात्रा के गुप्त व खुले संदेश
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ईरान के विदेश मंत्री रविवार को एक संक्षिप्त यात्रा पर बग़दाद पहुंचे। उनकी यह यात्रा इराक़ी प्रधानमंत्री की तेहरान यात्रा से पहले हुई है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul १९, २०२० १६:५० Asia/Kolkata
  • ज़रीफ़ की इराक़ यात्रा के गुप्त व खुले संदेश

ईरान के विदेश मंत्री रविवार को एक संक्षिप्त यात्रा पर बग़दाद पहुंचे। उनकी यह यात्रा इराक़ी प्रधानमंत्री की तेहरान यात्रा से पहले हुई है।

मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ की यह यात्रा इराक़ी प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी की तेहरान यात्रा से कुछ ही दिन पहले हुई है और इसका उद्देश्य उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों के संयुक्त हितों से अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए मार्ग समतल करना है। ईरानी विदेश मंत्री की इस यात्रा के इसी तरह कई खुले और गुप्त संदेश हैं जिन्हें समझना ज़रूरी है।

  • ज़रीफ़ ने अपनी इराक़ यात्रा में केवल राजनेताओं से ही मुलाक़ात नहीं की बल्कि कई राजनैतिक दलों से भी मुलाक़ात की जिसका अर्थ यह है कि एकजुट इराक़ से सहयोग हमेशा ईरान की कार्यसूची में शामिल रहा है और अब भी है।
  • इराक़ के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद सभापति, विदेश मंत्री और न्यायापालिक के प्रमुख से ज़रीफ़ की मुलाक़ात का मतलब इस्लामी गणतंत्र ईरान की ओर से इराक़ की संप्रभुता के समर्थन की घोषणा है और राजनैतिक दलों व स्वयं सेवी बल के कमांडर से मुलाक़ात का अर्थ ईरान की ओर से प्रतिरोधक मोर्चे और इराक़ से विदेशी सैनिकों को बाहर निकालने का भरपूर समर्थन है।
  • ज़रीफ़ की इराक़ यात्रा, उस स्थान से शुरू हुई जहां आतंकी अमरीकी सैनिकों ने शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी और अबू महदी अलमुहंदिस को अपनी आतंकी कार्यवाही में शहीद किया था। इसका मतलब यह है कि ईरान, प्रतिरोधकर्ता धड़ों का समर्थन जारी रखेगा और इसी तरह इराक़ में अवैध रूप से उपस्थित विदेशी सैनिकों को निकालने की प्रक्रिया में इराक़ी राष्ट्र का साथ देता रहेगा।
  • इराक़ के प्रधानमंत्री मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी मंगलवार को ईरान पहुंचेंगे और दोनों देशों के बीच सुरक्षा व राजनैतिक मुद्दों पर समन्वय के अलावा 20 अरब डाॅलर के आपसी व्यापारिक व आर्थिक लेन-देन के समझौते पर भी सहमति संभावित है। अमरीका की ओर से ईरान पर लगाए गए अत्याचारपूर्ण प्रतिबंधों के मामले में इराक़, ईरान के सबसे अच्छे दोस्तों में से एक है जबकि ईरान ने दुख-सुख में हमेशा इराक़ का साथ दिया है। इस आधार पर अलकाज़ेमी की ईरान यात्रा पहले से ही बहुत सफल दिखाई देती है। (HN)

 

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