ईरान, इमारात के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार करेगाः जनरल बाक़ेरी
ईरान के सशस्त्र बल के जनरल स्टाफ़ के चीफ़ ने कहा है कि संयुक्त अरब इमारात, ज़ायोनी शासन के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार करे और उस रास्ते पर न चले जो क्षेत्र की सुरक्षा के लिए हानिकारक हो।
ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद बाक़ेरी ने रविवार को तेहरान में एक कार्यक्रम में क्षेत्र के ताज़ा हालात और इस्राईल से संबंध स्थापित करने के संयुक्त अरब इमारात के समझौते की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि आज जब दुनिया के सभी स्वतंत्र देश ज़ायोनी शासन से संबंध व दोस्ती स्थापित करने से दूरी कर रहे हैं और इस शासन से घृणा करते हैं, इस्लामी गणतंत्र ईरान का एक पड़ोसी देश बड़ी निर्लज्जता और ढिठाई से बच्चों की हत्यारी इस्राईली सरकार से संबंध स्थापित करने की घोषणा कर रहा है जो बहुत ही खेद की बात है।
उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ज़ायोनी शासन, यहूदी धर्म की शिक्षाओं पर ध्यान दिए बिना इस्लामी जगत बल्कि अपनी ही जनता के ख़िलाफ़ हर तरह का अत्याचार करने में संकोच नहीं कर रहा है, कहा कि एक अरब व मुस्लिम देश के रूप में संयुक्त अरब इमारात के लिए इस प्रकार का संबंध किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है कि वह मुसलमानों के पहले क़िब्ले पर क़ब्ज़ा करने वाली और फ़िलिस्तीनी जनता को उनके घरों से बाहर निकालने और उनका जनसंहार करने वाली सरकार से राजनैतिक व आर्थिक संबंध स्थापित करे और खुल्लम खुल्ला इसकी घोषणा करे।
ईरान के सशस्त्र बल के जनरल स्टाफ़ के चीफ़ ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद बाक़ेरी ने इस बात पर बल देते हुए कि निश्चित रूप से संयुक्त अरब इमारात के संबंध में ईरान का रुख़ पूरी तरह से बदल जाएगा, कहा कि अगर फ़ार्स की खाड़ी में कोई भी घटना होती है और ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए थोड़ा सा भी ख़तरा खड़ा होता है तो ईरान के सशस्त्र बल इसके लिए इमारात को ज़िम्मेदार समझेंगे और इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। (HN)