पैग़म्बरे इस्लाम का अनादर, अमरीकी व ज़ायोनी साज़िश हैः आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने एक फ़्रान्सीसी पत्रिका द्वारा पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम का अनादर किए जाने की कड़ी निंदा की है।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने एक संदेश जारी करके कहा है कि पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के प्रकाशमान व पवित्र चेहरे के अनादर के संबंध में एक फ़्रान्सीसी पत्रिका के बड़े और अक्षम्य पाप ने एक बार फिर इस्लाम व मुस्लिम समाज से पश्चिमी दुनिया के राजनैतिक व सांस्कृतिक तंत्रों के द्वेष और दुष्टता भरी दुश्मनी को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा है कि इस बड़े अपराध की निंदा न करने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बहाना, जो कुछ फ़्रान्सीसी नेताओं की ओर से पेश किया जा रही है, पूरी तरह से अस्वीकार्य, ग़लत और धूर्ततापूर्ण है।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अपने संदेश में कहा है कि ज़ायोनियों और साम्राज्यवादी सरकारों की गहरी इस्लाम विरोधी नीतियां इस प्रकार की शत्रुतापूर्ण कार्यवाहियों का कारण हैं जो हर कुछ समय बाद सामने आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यवाही इस समय पश्चिमी एशिया के राष्ट्रों व सरकारों का ध्यान, इस क्षेत्र के लिए अमरीका व ज़ायोनी शासन द्वारा तैयार किए गए शर्मनाक षड्यंत्रों की तरफ़ से हटाने के उद्देश्य से की गई है।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अपने संदेश में ज़ोर देकर कहा है कि मुस्लिम राष्ट्रों विशेष रूप से पश्चिमी एशिया के देशों को इस प्रकार के संवेदनशील क्षेत्रीय मामलों के संबंध में पूरी तरह सचेत रहते हुए इस्लाम और मुसलमानों के संबंध में पश्चिम के राजनितिज्ञों और नेताओं की दुश्मनी को नहीं भूलना चाहिए। उल्लेखनीय है कि फ़्रान्स की एक पत्रिका "चार्ली हेब्दू" ने गत मंगलवार को पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के एक अपमानजनक कार्टून को पुनः प्रकाशित किया था। (HN)
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