बहरैन के शासक अपने बुरे दिनों के बारे में सोचेंः ईरानी संसद
अंतर्राष्ट्रीय मामलों में ईरान के संसद सभापति के विशेष सहायक ने ज़ायोनी शासन के साथ, संबंध स्थापित करने के बहरैन के क़दम को एक बड़ी ग़द्दारी बताया है।
हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने शनिवार को ट्वीट करके कहा है कि जाली ज़ायोनी सरकार के साथ संबंध स्थापित करने का बहरैनी सरकार का क़दम, फ़िलिस्तीनी काॅज़, फ़िलिस्तीनी जनता और बैतुल मुक़द्दस की आज़ादी के लक्ष्य के संबंध में एक बड़ी ग़द्दारी है। उन्होंने लिखा है कि इमारात व बहरैन के अक्षम शासकों को क्षेत्र में ज़ायोनी शासन की चालों को लागू करने वाले की भूमिका नहीं अदा करनी चाहिए और कड़े दिनों के बारे में सोचना व इतिहास से पाठ लेना चाहिए।
अंतर्राष्ट्रीय मामलों में ईरान के संसद सभापति के विशेष सहायक हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा है कि कल देर हो चुकी होगी और मुक्ति की अमरीकी रस्सी बरसों पहले ही जर्जर हो चुकी है। ज्ञात रहे कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार की रात ट्वीट करके बताया कि बहरैन और इस्राईल अपने संबंधों को पूरी तरह से सामान्य बनाने पर सहमत हो गए हैं। (HN)
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