ईरान और चीन ने भी दिया अमरीका को जैसे को तैसा जवाब!!
ईरान ने यमन में अमरीकी राजदूत पर पाबंदी लगाने का एलान किया है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में यमन में अमरीकी राजदूत क्रिस्टोफ़र हेन्ज़ेल की घिनौनी करतूतों का ज़िक्र करते हुए कहा है कि क्रिस्टोफ़र हेन्ज़ेल ने यमन जंग का नेतृत्व करते हुए, हमला करने वाले गठजोड़ का हथियारों, पैसों और राजनैतिक समर्थन में और यमन संकट के राजनैतिक हल में रुकावट डालने में, जिसके नतीजे में इस देश में शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी घटी, क्रूर रोल निभाया है, इसलिए ईरानी संसद की ओर से पारित क़ानून के तहत जो मानवाधिकार के उल्लंघन और क्षेत्र में अमरीका के आतंकवादी कृत्य से निपटने का हुक्म देता है, यमन में अमरीकी राजदूत पर पाबंदी लगायी जा रही है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के बयान में आया है कि 9 दिसंबर से क्रिस्टोफ़र हेन्ज़ेल, क्षेत्र में अमरीका के आतंकवादी व ख़तरनाक कृत्यों तथा मानवाधिकार के उल्लंघन से निपटने के क़ानून के तहत, सभी वर्णित पाबंदियों के दायरे में आते हैं, इसलिए सभी संबंधित विभाग, इस क़ानून के तहत इस संबंध में कार्यवाही करे।
ग़ौरतलब है कि अमरीका ने यमन में ईरानी राजदूत हसन इयरलू पर, आईआरजीसी के क्रियाकलापों का समर्थन करने के बहाने, मंगलवार को पाबंदी लगाने का एलान किया।
दूसरी तरफ़ चीन ने भी अमरीका को जैसे को तैसा जवाब देते हुए, अमरीकी कूटनयिकों के लिए वीज़े की छूट को ख़त्म करने का एलान किया है। अमरीका की ओर से चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के अधिकारियों पर पाबंदी लगाए जाने के जवाब में, बीजिंग ने यह क़दम उठाया है।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने गुरूवार को इस बारे में कहा कि यह पाबंदी वाइट हाउस सहित अमरीकी अधिकारियों, कांग्रेस के सदस्यों, ग़ैर सरकारी संगठनों के कर्मचारियों और उन परिवारों के सदस्यों पर लगायी जाएगी जो हांग कॉन्ग और मकाउ जाएंगे। (MAQ/N)
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