चाबहार बंदरगाह में अधिक से अधिक पूंजीनिवेश करना चाहते हैंः भारत
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भारतीय विदेश मंत्रालय में पश्चिम एशिया विभाग के निदेशक ने चाबहार बंदरगाह में अधिक पूंजीनिवेश की इच्छा व्यक्त की है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ३१, २०२१ १८:०८ Asia/Kolkata
  • चाबहार बंदरगाह में अधिक से अधिक पूंजीनिवेश करना चाहते हैंः भारत

भारतीय विदेश मंत्रालय में पश्चिम एशिया विभाग के निदेशक ने चाबहार बंदरगाह में अधिक पूंजीनिवेश की इच्छा व्यक्त की है।

भारतीय विदेश मंत्रालय में पश्चिम एशिया विभाग के निदेशक जे पी सिंह ने कहा है कि हम चाबहार बंदरगाह में अधिक पूंजीनिवेश के इच्छुक हैं।  उन्होंने कहा कि चाहबहार बंदरगाह के विकास के लिए भारत सरकार के सहयोग की मैं गारेंटी देता हूं।  

भारतीय विदेश मंत्रालय में पश्चिम एशिया विभाग के निदेशक जितेन्द्र पाल सिंह ने रविवार को चाबहार बंदरगाह में भारत के पहले निवेश के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत सरकार ने पिछले वर्ष चाहबहार बंदरगाह के माध्यम से अफ़ग़ानिस्तान की जनता के लिए 75 मिलयन टन गेंहू उपलब्ध करवाया था।  उन्होंने बताया कि यह बंदरगाह, केन्द्रीय एशियन देशों के लिए एक प्रवेश द्वार है जो हम सबके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

जितेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि केन्द्रीय एशिया के देश चाबहार बंदरगाह के प्रयोग के बहुत इच्छुक हैं।  उनका कहना था कि यह बंदरगाह एक ट्रांज़िट बंदरगाह है और बहुत से देश समुद्री व्यापार को प्राथमिकता देते हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय में पश्चिम एशिया विभाग के निदेशक जे पी सिंह ने इस ओर संकेत किया कि भारतीय कंपनी बंदरगाहों से संबन्धित उपकरणों की आपूर्ति की इच्छुक है।  उन्होंने कहा कि भारत और ईरान दोनो ही देश चाबहार बंदरगाह के विकास के इच्छुक हैं।  एसे में हमें उन पक्षों से भी वार्ता करनी चाहिए जिनके हित इस बंदरगाह से जुड़े हुए हैं।  जितेन्द्र पाल सिंह का कहना था कि चाबहार बंदरगाह की सफलता, भारत और ईरान दोनों ही सफलता मानी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि भारतीय विदेश मंत्रालय में पश्चिम एशिया विभाग के निदेशक जे पी सिंह, ईरान तथा भारत के बीच कूटनैतिक वार्ता के उद्देश्य से तेहरान के दौरे पर आए हुए हैं जिन्होंने शनिवार को तेहरान में ईरान के उपविदेश मंत्री सय्यद अब्बास इराक़ची से बातचीत की थी।