युद्धोन्मादी देश, यमन की घेराबंदी बंद करें, ईरान की मांग
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि युद्धोन्मादी देशों को यमन में अपनी बड़ी गलती का आभास हो गया है इस लिए उन्हों अपनी छे वर्षीय गलती को स्वीकार करते हुए यमन की घेराबंदी का अंत और शांतिपूर्ण रास्ता अपनाना चाहिए।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबज़ादे ने यमन के बारे में अमरीका के हालिया रुख पर पूछे गये एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सऊदी अरब का समर्थन रोकना और उसे हथियार न बेचना, अगर राजनीतिक दांव न हो तो अतीत की ग़लतियों को सुधारने के लिए एक क़दम हो सकता है।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि केवल इसी से यमन का संकट खत्म नहीं होगा बल्कि यमन की चारों ओर से की जाने वाली घेरांबदी के अंत के बाद सऊदी अरब के नेतृत्व में जारी हमलों को भी खत्म करना होगा।
उन्होंने कहा कि कुछ देश हथियार बेच कर सऊदी अरब के अपराधों में भागीदार हैं इस लिए इन देशों को चाहिए कि अब सऊदी अरब का समर्थन बंद करें ताकि मानवीय त्रासदी को रोका जा सके।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि सऊदी अरब ने यमन युद्ध आरंभ करके स्वंय को ज़्यादा नुक़सान पहुंचाया है और ट्रम्प की अधिकमत दबाव की नीति को आगे बढ़ाते हुए अन्य देशों पर निराधार आरोप लगा कर यह कोशिश की कि यमन के हज़ारों बच्चों और महिलाओं के जनसंहार से आरोप से स्वंय से बरी कर ले।
खतीबज़ादे ने कहा कि ईरान, यमन के समर्थन और हमला करने वाले देशों का समर्थन बंद करने के लिए विश्व समुदाय की हर कोशिश का स्वागत करता है और समस्या के समाधान के लिए अपनी चार सूत्रीय योजना को यथावत प्रभावशाली मान रहा है। Q.A.
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