ईरानी संपत्ति को अमरीका हज़्म नहीं कर पाएगाः आयतुल्लाह ख़ातमी
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आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने कहा है कि अवैध रूप से ईरान की संपत्ति से लगभग दो अरब डाॅलर निकालना, खुली डकैती है जो अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr २९, २०१६ १२:०८ Asia/Kolkata
  • ईरानी संपत्ति को अमरीका हज़्म नहीं कर पाएगाः आयतुल्लाह ख़ातमी

आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने कहा है कि अवैध रूप से ईरान की संपत्ति से लगभग दो अरब डाॅलर निकालना, खुली डकैती है जो अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध है।

तेहरान में जुमे की नमाज़ में आयुल्लाह अहमद ख़ातमी ने अमरीका के उच्चतम न्यायालय द्वारा ईरान की संपत्ति से लगभग दो अरब डालर रोके जाने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के अधिकारी किसी भी स्थिति में इस बात की अनुमति नहीं देंगे कि ईरानी राष्ट्र की संपत्ति का दुरूपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि हम निःसन्देह, अमरीका से ईरानी राष्ट्र का यह अधिकार लेकर रहेंगे।

आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने इसी प्रकार सऊदी अरब के हज अधिकारियों की ओर से इस वर्ष ईरानी हाजियों के सऊदी अरब जाने के मार्ग में उत्पन्न की जाने वाली बाधाओं पर प्रतिक्रिया स्वरूप कहा कि मक्का और मदीना, इस्लाम के पवित्र नगर हैं अतः आले सऊद को इस बात का अधिकार नहीं है कि वह ईरानी हाजियों को इन पवित्र स्थलों पर जाने से रोके। उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, पूर्ण सुरक्षा के साथ सम्मानीय ढंग से हज करने का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि ईरानी हाजी, अशांति में अपमानित ढंग से हज करने के पक्ष में नहीं हैं।

आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने क्षेत्रीय देशों के संदर्भ में सऊदी अरब की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आले सऊद, ज़ायोनी शासन के हितों की पूर्ति के उद्देश्य से यमन में युद्धरत है जहां पर वह अमानवीय कार्यवाहियां कर रहा है। इसी प्रकार वह सीरिया में सक्रिय आतंकवादियों का भी समर्थन करता है।

तेहरान के इमामे जुमा ने जेसीपीओए को लागू करने में अमरीका की ओर से किये जा रहे उल्लंघनों की ओर संकेत करते हुए कहा कि जेसीपीओए, ईरान की विदेश नीति का एेसा विषय है जिसकी प्राप्ति के लिए अधिकारियों ने पूरी निष्ठा के साथ प्रयास किये हैं किंतु अमरीका उल्लंघनों के माध्यम से इसके लागू होने में बाधा बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि जेसीपीओए के बावजूद ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अमरीकी शत्रुता कम नहीं हुई है जिसका उत्तर प्रतिरोध ही देगा।

आयतुल्लाह अहमद ख़ातमी ने फ़ार्स की खाड़ी के राष्ट्रीय दिवस पर कहा कि फ़ार्स की खाड़ी का इतिहास बहुत प्राचीन है और यह हमेशा, फ़ार्स की खाड़ी ही रहेगी।