ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी जनरल की बयानबाज़ी, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे
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अमरीकी सेना की सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल केनेथ मेकेन्ज़ी ने दावा किया है कि क्षेत्र में अमरीका की उपस्थिति का उद्देश्य, ईरान की विध्वंसक गतिविधियों को रोकना है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun ०८, २०२१ १३:२२ Asia/Kolkata
  • ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी जनरल की बयानबाज़ी, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे

अमरीकी सेना की सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल केनेथ मेकेन्ज़ी ने दावा किया है कि क्षेत्र में अमरीका की उपस्थिति का उद्देश्य, ईरान की विध्वंसक गतिविधियों को रोकना है।

इस प्रकार की बात करके जनरल मेकेन्ज़ी, क्षेत्रीय जनता का मज़ाक उड़ा रहे हैं, क्योंकि यह वही मेकेन्ज़ी हैं जिन्होंने इराक़ का अतिग्रहण किया और जो सन 2001 से अबतक अफ़ग़ानिस्तान का विनाश करने में लगे हुए हैं।

ईरान आरंभ से ही इस क्षेत्र में मौजूद है और अमरीका की तरह हज़ारों किलोमीटर दूर से मुसलमान देशों को लूटने के लिए यहां पर नहीं आया है।  ईरान ने फ़ार्स की खाड़ी के देशों में अमरीका की तरह सैन्य छावनियां नहीं बनाई हैं।  ईरान ने अपने हज़ारों सैनिकों और हथियारों को अमरीका की तरह क्षेत्र में तैनात नहीं किया है।

ईरान, अफ़ग़ानिस्तान में भी दाखिल नहीं हुआ और न ही उसने 20 वर्षों तक वहां पर लूटपाट की।  ईरान ने इराक़ पर हज़ारों टन बम नहीं बरसाए और न ही वहां के लोगों का परिवेष्टन किया।यमन को नष्ट करने के लिए ईरान ने कभी ही सऊदी अरब का साथ नहीं दिया।  लीबिया पर हमला करने और सूडान को दो भागों में विभाजित करने में भी अमरीका की तरह ईरान ने कोई सहायता नहीं की।

ईरान ने सीरिया के क्षेत्रों को भी अपने क़ब्ज़ें में नहीं लिया और न ही वहां का तेल और गेहू चुराया।  जिस समय इराक़ और सीरिया की राजधानियां आतंकवादियों के हाथों में जा रही थीं उस समय ईरान ने आतंकवादियों से डटकर मुक़ाबला किया।

ईरान, फ़ार्स की खाड़ी की सुरक्षा कर रहा है जहां से दुनिया का एक तिहाई तेल गुज़रता है।  ईरान फ़िलिस्तीनी सहित संसार के अत्याचारग्रस्त लोगों की सहायता के लिए हाथ आगे बढ़ाता है।  अमरीकी कमांडर की विशेष बात यह है कि उन्होंने ईरान की गतिविधियों को विध्वंसकारी बताया है।

इसका मुख्य कारण यह है कि जो भी अमरीका के मुक़ाबले में उठ खड़ा होगा वह उसके हिसाब से आतंकवादी है।  यही कारण है कि जो भी राष्ट्र अमरीका की हां में हां नहीं मिलाता उसपर प्रतिबंध लगा दिये जाते हैं और उसका परिवेष्टन कर लिया जाता है।