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भारत पर मंडराते संप्रदायिकता के काले बादल! दीमक की तरह संविधान को खोखला करता नफ़रती टोला, लेकिन अभी भी बाक़ी है आशा की किरण
Aug ३०, २०२३ १५:०७लगभग एक दशक का समय बीत रहा है तब से भारत में सांप्रदायिकता, राजनीति के केंद्र में आ गई। आधुनिक भारत के मंदिर बनाने की बजाए मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजे जाने लगे। इससे सामाजिक विकास की प्रक्रिया बाधित हुई है और विकास का सिलसिला थम सा गया है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इसी दौर में सबका साथ सबका विकास का नारा सबसे ज़्यादा ज़ोर और शोर से लग रहा है।
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तेहरान में भारतीय दूतावास में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
Aug १५, २०२३ १५:५८ईरान की राजधानी तेहरान में भारतीय दूतावास में भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित हुआ।