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सीरिया के कट्टर दुश्मन ही अरब संघ में उसकी वापसी की कर रहे हैं मांग, कौन हैं यह अरब देश?
Apr १८, २०२१ १३:३४सऊदी अरब और यूएई ने अरब संघ में सीरिया की वापसी की मांग की है।
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क्या हमला करने वालों की पीठ थपथपा कर यमन संकट का हल निकलेगा? अरब लीग के दावे की खुली पोल!
Apr १६, २०२१ ०८:४१अरब लीग ने यमन संकट के हल के लिए युद्धविराम के लागू किए जाने को सबसे ज़रूरी काम बताया है।
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सीरिया को अरब संघ में वापस लाया जाएः इराक़
Feb २३, २०२१ १९:४२इराक़ के विदेशमंत्री ने सीरिया को अरब संघ में वापस लाए जाने की मांग की है।
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इमारात के अधिकारी और कंपनियां इस तरह इस्राईल की ओर भाग रही हैं जैसे उन्हें फ़ौलादी पिंजरे से आज़ादी मिल गई हो
Nov २७, २०२० ०८:५६फ़िलिस्तीन पर ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा करने वाले इस्राईल से इमारात की दोस्ती परवान चढ़ने की ख़बरें इतनी ज़्यादा आ रही हैं कि सारी ख़बरों पर नज़र डाल पाना कठिन हो रहा है। इस्राईल के साथ इमारात का समझौता होते ही यह लग रहा है कि जैसे फ़ौलादी पिंदरे में बंद इमाराती कंपनियों को आज़ाद कर दिया गया है और वह तेल अबीब में लंबी लाइन लगाकर खड़ी हो गई हैं।
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अमरीका अपने बुरे अंजाम की ओर बढ़ रहा है...इसके लिए ट्रम्प का शुक्रिया अदा करना ज़रूरी...पेश है भविष्य की एक आरंभिक तसवीर!
Nov ०५, २०२० ०६:३३पिछले 50 साल से अधिकतर अमरीकी सरकारों ने दुनिया में बहुत से देशों की राजनैतिक व्यवस्था और सत्ता कामयाबी से बदल दी। अमरीका के राजनैतिक और आर्थिक स्वार्थों से तालमेल न रखने वाली सरकारों के साथ वाशिंग्टन ने यही बर्ताव किया।
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क्या अरब लीग की मौत का समय आ गया है?
Oct ०९, २०२० १३:३७अब तक छः देश अरब लीग की अध्यक्षता स्वीकार करने से इन्कार कर चुके हैं और फ़िलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि अब इसकी कोई उपयोगिता नहीं रह गई है।
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लीबिया ने भी अरब संघ की अध्यक्षता स्वीकार करने से इन्कार कर दिया, क्या जल्द ही धराशायी हो जाएगी अरबों की यह सबसे बड़ी संस्था?
Oct ०७, २०२० ०६:४१क़तर और कुवैत के बाद लीबिया ने भी फ़िलिस्तीन की जगह अरब संघ की अध्यक्षता स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है।
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फ़िलिस्तीन के स्थान पर अरबसंघ की अध्यक्षता स्वीकार नहींः क़तर
Sep २५, २०२० १९:२६क़तर ने फ़िलिस्तीन के स्थान पर अरबसंघ की अध्यक्षता लेने से साफ इन्कार कर दिया है।
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अरब जगत में एक नया नारा गूंज रहा हैः तुर्की को कंट्रोल करो!
Sep १५, २०२० ०६:२२इमारात-इस्राईल समझौते के एलान से महीनों पहले अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की ओर से डील आफ़ सेंचुरी का एलान होने पर टीकाकारों की समझ में यह नहीं आ रहा था कि ट्रम्प उस डील के लिए इतनी एनर्जी क्यों ख़र्च कर रहे हैं जिससे फ़िलिस्तीनी नेता नाराज़ हैं, अरबों ने जिसे ख़ारिज किया है और जो सफल होती दिखाई नहीं दे रही है। इमारात ने इस्राईल से समझौते का एलान कर दिया तब भी यह सवाल अपनी जगह मौजूद है।
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यूएई के बाद बहरैन ने इस्राईल से बरसों पुराने संबंध से उठाया पर्दा, अरब संघ की ख़ामोशी से उसका अस्ली चेहरा आया सामने
Sep १२, २०२० १३:११अरब संघ का पहले से ज़्यादा घिनौना चेहरा सामने आ गया है। जो लोग ज़ायोनी शासन के साथ संबंध क़ायम करने की इच्छा रखते हैं, वे फ़िलिस्तीनी कॉज़ से अपनी ग़द्दारी को अरबों की आधिकारिक संस्था के ज़रिए वैधता देने की कोशिश में हैं।