-
ईरान का आज़रबाइजान गणराज्य और आर्मीनिया से संयम का आह्वान
Feb १४, २०२४ १७:१०ईरान ने आज़रबाइजान गणराज्य और आर्मीनिया से संयम बरतने का आह्वान किया है।
-
क्या आज़रबाइजान की सरकार, इस्राईल, तुर्की और ब्रिटेन की साज़िशों का शिकार हो रही है?
Jan १८, २०२४ १३:०६बाकू सरकार के अधिकारी दोहरे बयान देकर येरेवन सरकार के अधिकारियों को धोखा देना जारी रखे हुए हैं।
-
ईरान और भारत के बीच दरार डालने वालों के लिए बुरी ख़बर, युद्ध की आग में रोटियां सेंकने वालों के टूटे सपने!
Nov २७, २०२३ १४:३५दुनिया भर में अशांति की आग भड़काने वाली शक्तियों का हमेशा यह प्रयास होता है कि वे इस अशांति की आग से जितना ज़्यादो हो सके लाभ उठा सके। यही हाल कुछ अवैध आतंकी इस्राईली शासन और फ़िलिस्तीन के लोकप्रिय जनांदोलन हमास के बीच ग़ज़्ज़ा में जारी युद्ध में भी देखा गया है। जहां इस्लामी गणराज्य ईरान समेत कुछ देश लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि ग़ज़्ज़ा में शांति स्थापित हो तो वहीं दुनिया की साम्राज्यवादी शक्तियां इस युद्ध की आग अधिक भड़काने के लिए हर स्तर को कोशिशें कर रही हैं।
-
यूक्रेन के लिए जारी है हथियारों की सप्लाई
Nov २६, २०२३ १४:४०आज़रबाइजान गणराज्य, यूक्रेन के लिए बड़ी संख्या में माइन स्वीपर वाहन भेजने जा रहा है।
-
क्षेत्र में शांति की स्थापना के लिए आर्मेनिया का नया प्रस्ताव
Oct २८, २०२३ १३:३५त्बिलिसी में आज़रबाइजान, आर्मेनिया और जॉर्जिया के प्रधानमंत्रियों की त्रिपक्षीय बैठक के दौरान, निकोल पाशिनियान ने शांति की चार सूत्रीय योजना का अनावरण करते हुए, इस योजना का मुख्य लक्ष्य ईरान, आर्मेनिया, तुर्की और आज़रबाइजान के बीच संबंधों का विस्तार क़रार दिया है।
-
युद्ध की ज़िम्मेदारी फ्रांस पर आएगीः अलीओफ
Oct ०८, २०२३ ११:२५फ़्रांस की ओर से आर्मीनिया के लिए हथियारों की आपूर्ति, एक नई झड़प की भूमिका बन सकती है।
-
क़रेबाग़ संकट को लेकर पोप फ्रांसिस ने ज़ाहिर की अपनी चिंता
Oct ०२, २०२३ ०७:३७आर्मीनिया और आज़रबाइजान के बीच ताज़ा तनाव को लेकर पोप फ्रांसिस दुखी दिखाई दे रहे हैं।
-
ईरान के ख़िलाफ़ उसके दो पड़ोसी देशों की भयानक योजना! तेहरान ने कहा हमारी सेना किसी भी स्थिति से मुक़ाबले के लिए पूरी तरह तैयार!
Sep ३०, २०२३ १५:३०काकेशस एक रणनीतिक क्षेत्र है, जो कैस्पियन सागर के पश्चिम और काला सागर के पूर्व के बीच स्थित है, इसके उत्तर पश्चिम में ईरान और उत्तर में रूसी संघ की सीमा है, यह एक असहज और संवेदनशील क्षेत्र है जो युद्ध की शुरुआत के बाद से अस्थिर बना हुआ है। नवंबर 2020 में आज़रबाइजान गणराज्य और आर्मेनिया के बीच हुए दूसरे युद्ध से यह और अस्थिर बना हुआ है।
-
आर्मीनिया के प्रधानमंत्री पर रूस की कड़ी प्रतिक्रिया
Sep २६, २०२३ ०८:१४रूस का कहना है कि आर्मीनिया के प्रधानमंत्री पश्चिम के झांसे में आ गए।
-
कराबाख़ से पलायन शुरू, अरमनी जाति के लोग ख़ाली कर रहे हैं इलाक़ा
Sep २५, २०२३ १३:१८कराबाख़ में नागोर्नी के इलाक़े में बसने वाले अरमनी जाति के नागरिक अब यह इलाक़ा ख़ाली कर रहे हैं। पूरे कराबाख़ के इलाक़े पर आज़रबाइजान की सेना ने कंट्रोल कर लिया है जिसके बाद यह पलायन शुरू हुआ है और अरमनी जाति के लोग अब आर्मीनिया में जाकर बसेंगे।