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इराक़

  • आतंकी गुटों के निशाने पर आख़िर क्यों रहते हैं शिया मुसलमानों के पवित्र स्थल और धार्मिक हस्तियां? वजह जानकर आपको भी होगी हैरानी!

    आतंकी गुटों के निशाने पर आख़िर क्यों रहते हैं शिया मुसलमानों के पवित्र स्थल और धार्मिक हस्तियां? वजह जानकर आपको भी होगी हैरानी!

    Aug १४, २०२३ १५:४५

    हर सुबह मीडिया के माध्यम से मिलने वाले समाचारों में आतंकी हिंसा के बारे में कोई बुरी ख़बर ज़रूर होती है। शायद ही कोई दिन ऐसा गुज़रता है जिस दिन दुनिया के किसी न किसी हिस्से में किसी न किसी आतंकी घटना में लोगों की बलि न चढ़ती हो। दरअसल आतंकवाद, युद्ध का एक नया रूप हो गया है जो किसी सीमा को नहीं मानता और जिसका कोई स्पष्ट चेहरा भी नहीं होता। यह आतंकवाद आधुनिक तकनीक के साथ जुड़कर दुनिया में क़हर बरपा कर रहा है। साथ ही दुनिया में सबसे ज़्यादा आतंकवाद की अगर कोई बलि चढ़ा है तो वह हैं शिया मुसलमान।

  • आख़िर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चाहने वालों को क्यों नहीं लगता डर? हज़रत ज़ैनब ने किस लिए खाई थी सौगंध?

    आख़िर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चाहने वालों को क्यों नहीं लगता डर? हज़रत ज़ैनब ने किस लिए खाई थी सौगंध?

    Aug १४, २०२३ १३:४३

    जैसे-जैसे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके वफ़ादार साथियों का चेहलुम क़रीब आ रहा है वैसे-वैसे हुसैनियों के दिलों की धड़कनें तेज़ी होती जा रही हैं। यह ऐसा मौक़ा है कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से श्रद्धा रखने वाला हर व्यक्ति यह चाहता है कि वह अरबईन के दिन पवित्र नगर कर्बला में मौजूद रहे। पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पवित्र परिजनों के कथनों में बताया गया है कि मोमिन की एक निशानी, अरबईन की ज़ियारत है। 

  • अरबईन की पैदल ज़ियारत की तैयारी शुरू, मंगलवार को इराक़ की दक्षिणी सीमा से रवाना होगा कारवां, 615 किलोमीटर का सफ़र 22 दिन में

    अरबईन की पैदल ज़ियारत की तैयारी शुरू, मंगलवार को इराक़ की दक्षिणी सीमा से रवाना होगा कारवां, 615 किलोमीटर का सफ़र 22 दिन में

    Aug १३, २०२३ १५:२५

    इराक़ का बसरा प्रांत इन दिनों अरबईन मार्च की तैयारियों में लगा हुआ है। इराक़ में अरबईन की पैदल ज़ियारत की शुरुआत 28 मोहर्रम 15 अगस्त से हो रही है।

  • उत्तरी इराक़ में तुर्किए के 5 सैनिक मारे गये

    उत्तरी इराक़ में तुर्किए के 5 सैनिक मारे गये

    Aug १०, २०२३ १३:४७

    तुर्किए के रक्षामंत्रालय ने उत्तरी इराक़ में अपने 5 सैनिकों के मारे जाने की सूचना दी है।

  • दाइश के आतंकवादियों की छावनी को बंद किया जाए, इराक़ की मांग

    दाइश के आतंकवादियों की छावनी को बंद किया जाए, इराक़ की मांग

    Aug ०७, २०२३ १४:५६

    इराक़ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने सीरिया में अलहूल छावनी बंद किये जाने की मांग की है।

  • पवित्र का अनादार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्र नहीं, मतभेद फैलाने की कोशिश है

    पवित्र का अनादार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्र नहीं, मतभेद फैलाने की कोशिश है

    Aug ०७, २०२३ ०८:४१

    इराक़ के प्रधानमंत्री ने पवित्र क़ुरआन के बारम्बार अनादर की निंदा के मानवाधिकार उच्चायुक्त के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पवित्र चीज़ों का अपमान करना, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अवधारणा का खंडन और मतभेद फैलाने की कोशिश है।

  • क्या आप जानते हैं कि आशूरा का आंदोलन क्यों अमर हो गया? अरबईन के मौक़े पर कर्बला में ऐसा क्या दिखता है कि जिसका बयान करना असंभव है!

    क्या आप जानते हैं कि आशूरा का आंदोलन क्यों अमर हो गया? अरबईन के मौक़े पर कर्बला में ऐसा क्या दिखता है कि जिसका बयान करना असंभव है!

    Aug ०६, २०२३ १२:४३

    जैसे-जैसे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का चेहलुम क़रीब आता है, उनके चाहने वालों में एक विशेष प्रकार का जोश और जज़्बा जागने लगता है। पैग़म्बरे इस्लाम (स) के पवित्र परिजनों के कथनों में बताया गया है कि मोमिन की एक निशानी, अरबईन की ज़ियारत है। इमाम हुसैन के चेहलुम के दिन करबला में उपस्थिति का अपना एक विशेष महत्व है।  इस दिन करबला में जो चीज़ दिखाई देती है उसका बयान करना संभव ही नहीं। क्योंकि उसको देखने के लिए अरबईन के मौक़े पर कर्बला में होना और अपनी आंखों से देखना ज़रूरी है।

  • इस समय इराक़ और कुवैत के बीच सीमा विवाद ने सिर क्यों उठाया?

    इस समय इराक़ और कुवैत के बीच सीमा विवाद ने सिर क्यों उठाया?

    Aug ०५, २०२३ १६:५८

    हाल ही में कुवैत के विदेशमंत्री की बग़दाद यात्रा और बग़दाद में अपने इराक़ी समकक्ष के साथ प्रेस कांफ़्रेंस में उनके बयान ने कुवैत और इराक़ के बीच सीमा विवाद को एक बार फिर हवा दे दी है। इराक़ और कुवैत के बीच सीमा विवाद बहुत पुराना है लेकिन सवाल यह है कि इस समय इस विषय पर क्यों ख़ास ध्यान दिया जाने लगा।

  • दाइश का नेतृत्व संभालने के लिए कोई तैयार क्यों नहीं? मौत का ख़ौफ़ या कोई और वजह?

    दाइश का नेतृत्व संभालने के लिए कोई तैयार क्यों नहीं? मौत का ख़ौफ़ या कोई और वजह?

    Aug ०५, २०२३ १५:२३

    कुछ अरब टीकाकारों और सूत्रों का कहना है कि आतंकवादी गुट दाइश में नेतृत्व के मारे जाने और गिरफ़्तारी के बाद इस गुट में नेतृत्व का संकट गहराता ही जा रहा है।

  • पोप फ्रांसिस के नाम आयतुल्लाह सीस्तानी का पत्र

    पोप फ्रांसिस के नाम आयतुल्लाह सीस्तानी का पत्र

    Aug ०३, २०२३ ०९:४०

    इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु अयातुल्लाहिल उज़मा सैयद अली अल-सीस्तानी ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के महत्व पर बल देते हुए, हिंसा को अस्वीकार करने और विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के बीच सम्मान को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयासों का आह्वान किया है।

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