पोप फ्रांसिस के नाम आयतुल्लाह सीस्तानी का पत्र
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इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु अयातुल्लाहिल उज़मा सैयद अली अल-सीस्तानी ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के महत्व पर बल देते हुए, हिंसा को अस्वीकार करने और विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के बीच सम्मान को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयासों का आह्वान किया है।
(last modified 2023-08-03T07:41:53+00:00 )
Aug ०३, २०२३ १३:१० Asia/Kolkata
  • पोप फ्रांसिस के नाम आयतुल्लाह सीस्तानी का पत्र

इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु अयातुल्लाहिल उज़मा सैयद अली अल-सीस्तानी ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के महत्व पर बल देते हुए, हिंसा को अस्वीकार करने और विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के बीच सम्मान को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयासों का आह्वान किया है।

अयातुल्ला सीस्तानी ने कैथोलिक चर्च के नेता पोप फ्रांसिस के एक पत्र के जवाब में और उनकी इराक़ यात्रा की दूसरी वर्षगांठ पर यह टिप्पणी की है।

इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु ने कहा कि पोप की इराक़ की ऐतिहासिक यात्रा और पवित्र नजफ़ में दोनों धर्मगुरुओं की मुलाक़ात ने इस्लाम और ईसाई धर्म और अन्य धर्मों के अनुयायियों को अधिक सहिष्णु बनाने के लिए प्रेरित किया है।

दोनों धर्मगुरुओं की मुलाक़ात में उठाए गए विषयों को रेखांकित करते हुए आयतुल्लाह सीस्तानी ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की संस्कृति को बढ़ावा देने और हिंसा और नफ़रत को ख़ारिज करने के लिए ठोस प्रयासों के महत्व पर बल दिया।

अयातुल्ला सीस्तानी ने विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के बीच आपसी सम्मान के आधार पर लोगों के बीच सद्भाव के मूल्यों की स्थापना का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहाः दुनिया भर मे पीड़ित लोगों की रक्षा के लिए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।

अयातुल्ला सीस्तानी ने नए युग में संपूर्ण मानवता के सामने आने वाली बड़ी चुनौतियों पर क़ाबू पाने के लिए ईश्वर में आस्था और उच्च नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी बल दिया। msm