Pars Today

Hindi
  • होम
  • रेडियो
  • Albanian shqip
  • Armenian Հայերեն
  • Assyrian ܐܬܘܪ̈ܝܐ
  • Azeri Azəri
  • Bangla বাংলা
  • Chinese 中文
  • Dari دری
  • English English
  • French français
  • German Deutsch
  • Hausa Hausa
  • Hebrew עברית
  • Hindi हिन्दी
  • Indonesian Bahasa Indonesia
  • Italian Italiano
  • Japanese 日本語
  • Kazakh қазақ тілі
  • Kiswahili Kiswahili
  • Pashto پښتو
  • Persian فارسی
  • Russian Русский
  • Spanish Español
  • Tajik Тоҷик
  • Taleshi Tolışə
  • Turkish Türkçe
  • Turkmen Türkmen
  • Uzbek узбек
  • विश्व
  • पश्चिमी एशिया
  • ईरान
  • धर्म
  • पार्स पीडिया
  • डिस-इन्फ़ो

इस्लाम

  • नाज़ुक दिलों के लिए एक तोहफ़ा, पैग़ंबरे इस्लाम क्यों कहते हैं कि बेटियों को तरजीह दें?

    नाज़ुक दिलों के लिए एक तोहफ़ा, पैग़ंबरे इस्लाम क्यों कहते हैं कि बेटियों को तरजीह दें?

    Oct १४, २०२५ १३:३१

    पार्स टुडे – कई संस्कृतियों में विशेषकर इस्लामी परंपराओं में, बेटियों पर विशेष ध्यान देना उनके सम्मान, स्नेह और भावनात्मक नाजुकता के प्रति समर्थन का प्रतीक माना जाता है।

  • थका संसार एक उद्धारकर्ता की प्रतीक्षा में है

    थका संसार एक उद्धारकर्ता की प्रतीक्षा में है

    Oct ०५, २०२५ १४:३८

    पार्स टुडे - आज की मानवता, विचारधाराओं के गतिरोध और बढ़ती अन्यायपूर्ण स्थितियों से थकी हुई पहले से कहीं अधिक न्याय और एक उद्धारकर्ता की प्रतीक्षा कर रही है।

  • मुसीबतों और कठिनाइयों का सबसे शक्तिशाली दुश्मन क्या है? सब्र के बारे में पैग़ंबरे इस्लाम और उनके परिजनों की कुछ हदीसें

    मुसीबतों और कठिनाइयों का सबसे शक्तिशाली दुश्मन क्या है? सब्र के बारे में पैग़ंबरे इस्लाम और उनके परिजनों की कुछ हदीसें

    Sep २९, २०२५ १२:२५

    पार्सटुडे - सब्र इंसान के सबसे महत्वपूर्ण गुणों में से एक है जिसकी धार्मिक और दार्शनिक शिक्षाओं में एक विशेष भूमिका है।

  • जमकरान मस्जिदः वह जगह जहाँ दुआ सामाजिक कार्रवाई में बदल जाती है

    जमकरान मस्जिदः वह जगह जहाँ दुआ सामाजिक कार्रवाई में बदल जाती है

    Sep २३, २०२५ १३:५३

    पार्स टुडे – जमकरान मस्जिद विश्वव्यापी आशा का प्रतीक है जो महामुक्तिदाता के आगमन, न्याय के विस्तार, करुणा, और मानव के आध्यात्मिक एवं बौद्धिक विकास का प्रतीक है।

  • जासूसी मत करो, वरना बिना दोस्त के रह जाओगे, इस्लाम निजी जीवन और गोपनीयता के सम्मान के लिए क्या सलाह देता है?

    जासूसी मत करो, वरना बिना दोस्त के रह जाओगे, इस्लाम निजी जीवन और गोपनीयता के सम्मान के लिए क्या सलाह देता है?

    Sep २०, २०२५ १५:३३

    पार्स टुडे – आज हम एक-दूसरे की ज़िंदगी में पहले से कहीं अधिक मौजूद हैं न कि घर की खिड़कियों के पीछे, बल्कि मोबाइल स्क्रीन के माध्यम से डिजिटल दुनिया में

  • क्यों लोग पूरब से लेकर पश्चिम तक एक मुक्तिदाता के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं? – एक्स उपयोगकर्ताओं के संदेश

    क्यों लोग पूरब से लेकर पश्चिम तक एक मुक्तिदाता के प्रकट होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं? – एक्स उपयोगकर्ताओं के संदेश

    Sep १७, २०२५ १४:३६

    पार्स टुडे – सोशल नेटवर्क एक्स के उपयोगकर्ता हज़रत महदी अलै. के प्रकट होने को केवल एक एलाही वादा ही नहीं, बल्कि दुनिया से अत्याचार को समाप्त करने की तात्कालिक आवश्यकता मानते हैं।

  • मैं नहीं चाहता कि आप में से कोई युवा दो प्रकार से अलग दिखे: या तो विद्वान हो या छात्र। पैगंबरे इस्लाम और अहले बैत अलै. की 9 हदीसें

    मैं नहीं चाहता कि आप में से कोई युवा दो प्रकार से अलग दिखे: या तो विद्वान हो या छात्र। पैगंबरे इस्लाम और अहले बैत अलै. की 9 हदीसें

    Sep १३, २०२५ १५:१४

    पार्स टुडे – इस्लाम के दृष्टिकोण में ज्ञान केवल प्रगति का साधन नहीं है, बल्कि यह एक प्रकाश है जो दिल को जीवंत बनाता है दृष्टि को तीव्र करता है और आत्मा को उड़ान भरने में सक्षम बनाता है।

  • इस्लाम में महिलाओं का क्या स्थान है?

    इस्लाम में महिलाओं का क्या स्थान है?

    Sep १३, २०२५ १२:२७

    पार्स टुडे – सामाजिक समीकरणों में स्त्री और पुरुष का स्थान और सामाजिक परिवर्तन में प्रत्येक की भूमिका, मानव चिंतन की प्राचीन चुनौतियों में से एक रही है।

  • एक अशांत विश्व में पैग़म्बरी की हिकमत और सच्ची बुद्धि व तर्क के पुनर्पाठ की आवश्यकता

    एक अशांत विश्व में पैग़म्बरी की हिकमत और सच्ची बुद्धि व तर्क के पुनर्पाठ की आवश्यकता

    Sep १०, २०२५ ०९:४७

    पार्स टुडे – आज का संसार अपनी सभी प्रौद्योगिकीय प्रगतियों के बावजूद, अध्यात्म के सही अर्थ के अभाव से पीड़ित है।

  • इमाम जाफ़र सादिक़ जनसेवा के लिए क्या करते थे, इस बारे में आप क्या जानते हैं?

    इमाम जाफ़र सादिक़ जनसेवा के लिए क्या करते थे, इस बारे में आप क्या जानते हैं?

    Sep ०९, २०२५ १०:५७

    सम्मान और आदर – इमाम सादिक़ (अ.स.) हर व्यक्ति से उसकी सामाजिक हैसियत देखे बिना सम्मान से पेश आते थे। वे कहते थे: "लोगों के साथ इस तरह रहो कि जब तुममें से कोई मर जाए तो वे रोएँ और जब ज़िन्दा रहो तो तुमसे मिलने की तमन्ना करें।"

अधिक...
टॉप न्यूज़
  • अमेरिकी F-15 युद्धक विमान के ईरान में मार गिराये जाने पर गार्डियन की प्रतिक्रियाः ईरान के पास यथावत मुक़ाबले की ताक़त मौजूद है

    अमेरिकी F-15 युद्धक विमान के ईरान में मार गिराये जाने पर गार्डियन की प्रतिक्रियाः ईरान के पास यथावत मुक़ाबले की ताक़त मौजूद है

    ४ days ago
  • अंसारुल्लाह: दुश्मन ने युद्ध पर नियंत्रण खो दिया है

  • ईरान ने परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले की निंदा की मांग की

  • हैकर समूह हंज़ला ने 50 वरिष्ठ इज़राइली अफ़सरों की पहचान उजागर की

  • अराक़ची: एनर्जी फ़ैसिलिटीज़ के खिलाफ़ धमकियां युद्ध अपराधों की स्वीकारोक्ति

संपादक की पसंद
  • बक़ाईः ईरान मज़बूती और गर्व के साथ खड़ा है

    बक़ाईः ईरान मज़बूती और गर्व के साथ खड़ा है

    ६ days ago
  • चीन: तेहरान दबाव में नहीं झुकेगा

    चीन: तेहरान दबाव में नहीं झुकेगा

    ६ days ago
  • रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत के जल संयंत्रों पर हमले की निंदा की

    रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत के जल संयंत्रों पर हमले की निंदा की

    ६ days ago
अधिक देखी गई ख़बरें
Pars Today

© 2026 PARS TODAY. All Rights Reserved.

समाचार
    विश्व
    पश्चिमी एशिया
    ईरान
    धर्म
    पार्स पीडिया
    डिस-इन्फ़ो
Pars Today
    हमारे बारे में
    हमसे संपर्क करें
    आरएसएस