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ब्रिटेन में शरण न मिलने के बाद पूर्व अफ़ग़ान सैनिकों के सामने गंभीर हालात
Dec १३, २०२३ ०८:३२ब्रिटेन पलायन के इंतेज़ार में पाकिस्तान में फंसे लगभग 200 अफ़ग़ान स्पेशल फ़ोर्स के जवानों को गंभीर हालात का सामना है। यह लोग वर्ष 2021 में फ़रार होकर पाकिस्तान गए थे और वहां से ब्रिटेन जाने की कोशिश में थे।
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ग़ज़्ज़ा युद्ध ने बहुत सारी छिपी सच्चाइयों से उठाया पर्दा, दुश्मन चाहे जितना ज़ोर लगा ले, उसकी पराजय निश्चित हैः आयतुल्लाह ख़ामेनेई
Nov १९, २०२३ १५:३५इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने अवैध ज़ायोनी सरकार को नस्लवाद का प्रतीक बताया है और कहा है कि आक्रमणकारी ज़ायोनी खुद को एक श्रेष्ठ नस्ल और दूसरों को नीचा और गिरा हुआ इंसान मानते हैं, यही कारण है कि उन्होंने हज़ारों बच्चों का बेरहमी से नरसंहार किया है।
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वीडियो रिपोर्टः ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम को लेकर सुरक्षा परिषद में पास हुआ प्रस्ताव, लेकिन इस्राईल की मनमानी जारी, मानवीय ज़िन्दगियों से बढ़कर हैं नेतन्याहू के लक्ष्य!
Nov १६, २०२३ १५:५४ग़ज़्ज़ा युद्ध और अवैध ज़ायोनी शासन द्वारा फ़िलिस्तीनियों पर किए जाने वाले अत्याचारों और नरसंहार के सामने शांति और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने वाली संस्था के रूप में संयुक्त राष्ट्र संघ की निष्क्रियता और विशेष रूप सुरक्षा परिषद में जारी गतिरोध ने न केवल इस संस्था की साख को चोट पहुंचाया है बल्कि वैश्विक स्तर पर इसकी काफ़ी आलोचना हो रही है। अब 40 दिन बाद सुरक्षा परिषद ने एक न्यूनतम प्रस्ताव पारित कर ग़ज़्ज़ा युद्ध ख़त्म करने की दिशा में क़दम उठाया है। दिन ब दिन गहराते ग़ज़्ज़ा संकट का ...
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आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?
Nov १५, २०२३ १२:३२इस समय दुनिया के ज़्यादातर इंसानों के मन में एक सवाल ऐसा सवाल है कि जिसका जवाब किसी को भी नहीं मिल पा रहा है। सवाल यही है कि आख़िर पश्चिमी एशिया में मौजूद अवैध शासन इस्राईल में ऐसा क्या है कि उसके हर अपराध और विशेषकर उसके द्वारा हज़ारों बच्चों की हत्या किए जाने का बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा समेत कई अन्य देश उसका समर्थन करते चले आ रहे हैं। अवैध ज़ायोनी शासन का समर्थन करने के पीछे क्या उनकी मजबूरी है या फिर यह उनकी किसी साज़िशी योजना का हिस्सा है।
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वीडियो रिपोर्टः सुरक्षा परिषद की बैठक में फ़िलिस्तीनी राजदूत की गुहार पर नहीं लगी मुहर, अमेरिका और ब्रिटेन ने इस्राईल को फिर दी हरी झंडी, आख़िर फ़िलिस्तीनियों के साथ सौतेला रवैया क्यों?
Nov १२, २०२३ १०:५८संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के आरंभ में फ़िलिस्तीन के राजदूत रियाज़ मंसूर ने अपील करते हुए कहा कि ग़ज़्ज़ा के बेगुनाह लोगों का नरसंहार तुरंत बंद किया जाए, इसी वक़्त उसे रोका जाना चाहिए, लेकिन दुखद बात यह रही कि उनके इस अनुरोध पर कोई भी तवज्जो नहीं दी गई, इसकी वजह अमेरिका और ब्रिटेन ही रहे जो लगातार ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम का विरोध करते आ रहे हैं। फ़िलिस्तीनी राजदूत ने कहा कि ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम के लिए महासभा के प्रस्ताव को लागू किया जाना चाहिए, और ग़ज़्ज़ा के बारे में ...
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हथियार देने में जितनी तेज़ी करते हैं उतनी जल्दबाज़ी युद्धविराम के लिए क्यों नहीं करते अमेरिका और यूरोपीय देश?
Nov ०५, २०२३ १४:२७इस समय पूरी दुनिया की नज़र ग़ज़्ज़ा युद्ध पर टिकी हुई है। हर दिन मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सबसे दुखद चीज़ जो इस युद्ध में देखने को मिल रही है वह है मरने वालों में बच्चों और महिलाओं की तादाद। लेकिन सवाल यहां यह उठता है कि आख़िर फ़िलिस्तीनियों के इस नरसंहार के पीछे कौन लोग हैं और उनके क्या हित छिपे हुए हैं?
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आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामनेई ने इस्राईल को लेकर अमेरिका की बेचैनी का बताया कारण, असीमित धैर्य और ईश्वर पर भरोसे की एक झलक है ग़ज़्ज़ा
Oct २६, २०२३ ११:०५ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ग़ज़्ज़ा की मज़लूम, धैर्यवान और मज़बूत इरादों वाली जनता और आतंकी अवैध शासन इस्राईल द्वारा किए जा रहे अत्याचारों की ओर इशारा करते हुए कहा है कि घायल होकर ज़मीन पर ढेर हो चुका अवैध शासन, फ़िलिस्तीनी जियालों के घातक वार का बदला ग़ज़्ज़ा की जनता से ले रहा है।
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फेल होती योजनाओं से बौखलाया इस्राईल! हमास के जियाले आतंकी ज़ायोनी सेना की हर साज़िश का दे रहे हैं मुंहतोड़ जवाब
Oct २३, २०२३ १६:०२इस समय पूरी दुनिया ग़ाज़ा पर इस्राईल द्वारा किए जा रहे पाश्विक हमलों का साक्षी है। लेकिन साथ-साथ वह इस बात को लेकर हैरान है कि कैसे एक प्रतिरोध आंदोलन, एक ऐसी सेना का मुक़ाबला कर रहा है कि जिसका अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी समेत कई बड़े-बड़े देश दे रहे हैं।
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लाशों के ढेर, घायलों की चीख़-पुकार और चुप-चाप देखता विश्व समाज, अनगिनत तुफ़ानों के लिए तैयार रहे दुनिया!
Oct २३, २०२३ १२:०९इन दिनों फ़िलिस्तीन में साम्राज्यवादी शक्तियां जो आतंकी इस्राईल के साथ मिलकर कर रही हैं वह एक ऐसी त्रास्दी है कि जिसके बारे में भी सोच कर रूह कांप जाती है। कोरोना महामारी के नाम पर दुनिया को पूरी तरह रोक देने वाला संयुक्त राष्ट्र संघ ग़ाज़ा के हालात पर बेबस नज़र आ रहा है। आख़िर ऐसा क्या है कि फ़िलिस्तीनी बच्चों के नरसंहार पर विश्व के ज़्यादातर देश अपनी आंखें मूंदे हुए हैं? यह एक ऐसा सवाल है कि जिसके जवाब के साथ ही दुनिया में शांति स्थापित हो सकती है।
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दुनिया बदल रही है, मज़लूमों के बजाए हमलावरों के साथ खड़े होने का चलन, बाइडन के बाद सुनक पहुंचे इस्राईल
Oct १९, २०२३ १३:४३दुनिया काफ़ी बदल चुकी है, इसका सबूत यह है कि आमतौर से यह देखा जाने लगा है कि दुनिया के ज़्यादातर देश आजकल उनके साथ खड़े हुए दिखाई देते हैं जो ताक़तवर और हमलावर होते हैं। आतंकी इस्राईल द्वारा पिछले 13 दिनों से ग़ाज़ा पर पाश्विक हमले किए जा रहे हैं इन हमलों में हज़ारों बेगुनाह लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन उसके बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा और फ्रांस समेत ज़्यादातर पश्चिमी देश अवैध ज़ायोनी शासन के साथ खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।