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अमेरिकी वीटो को लेकर यूएन महासभा में बड़ी चर्चा, अवैध इस्राईली शासन का समर्थन करके दुनिया के सामने शर्मसार होता अमेरिका!
Jan १०, २०२४ ११:३५संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष ने मंगलवार को सदस्य देशों को बताया कि ग़ज़्ज़ा में तात्कालिक प्राथमिकता, आम लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा करना है। पिछले महीने सुरक्षा परिषद में, ग़ज़्ज़ा की स्थिति पर एक प्रस्ताव पर, अमेरिका द्वारा वीटो अधिकार का इस्तेमाल किए जाने के बाद बुलाई गई एक बैठक में यह बात कही गई है।
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पवित्र क़ुरआन के नूर से जगमाता ईरान, इब्ने आशूब और आयतुल्लाह जवादी के क़ुरआन की व्याख्याओं को किया जाएगा सम्मानित
Jan ०२, २०२४ १०:०९तेहरान में "रेसालातुल्लाह" शीर्षक के तहत पवित्र क़ुरान के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में, ईरान के समकालीन बुद्धिजीवी और दर्शनशास्त्री आयतुल्लाह जवादी आमुली और मिस्र के इब्ने आशूब द्वारा पवित्र क़ुरआन की लिखी गई व्याख्याओं को सम्मानित किया जाएगा।
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फ़िलिस्तीन संकट 7 अक्तूबर से नहीं बल्कि पिछले 75 वर्षों से चला आ रहा हैः ईरान
Jan ०१, २०२४ ११:०३अब्दुल्लाहियान कहते हैं कि फ़िलिस्तीन के संकट में ब्रिटेन की बहुत ही स्पष्ट भूमिका रही है।
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रिपोर्टः आईआरजीसी, अमेरिका और ब्रिटेन के लिए बना डरावना सपना, सच्चाई के लिए मौत से खेलने वालों पर प्रतिबंध लगाकर कुछ नहीं मिलेगा!
Dec १७, २०२३ १६:३५मानवाधिकारों की रक्षा का दावा करने वाली अमेरिकी और ब्रिटिश सरकारों ने इस बार ईरान की इस्लामी क्रांति के सरंक्षक बल आईआरजीसी के कमांडरों के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध लगाकर ग़ज़्ज़ा के लोगों के ख़िलाफ़ अवैध आतंकी इस्राईली शासन द्वारा किए जा रहे जघन्य अपराधों के प्रति अपना समर्थन जारी रखा है।
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ब्रिटेन में शरण न मिलने के बाद पूर्व अफ़ग़ान सैनिकों के सामने गंभीर हालात
Dec १३, २०२३ ०८:३२ब्रिटेन पलायन के इंतेज़ार में पाकिस्तान में फंसे लगभग 200 अफ़ग़ान स्पेशल फ़ोर्स के जवानों को गंभीर हालात का सामना है। यह लोग वर्ष 2021 में फ़रार होकर पाकिस्तान गए थे और वहां से ब्रिटेन जाने की कोशिश में थे।
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ग़ज़्ज़ा युद्ध ने बहुत सारी छिपी सच्चाइयों से उठाया पर्दा, दुश्मन चाहे जितना ज़ोर लगा ले, उसकी पराजय निश्चित हैः आयतुल्लाह ख़ामेनेई
Nov १९, २०२३ १५:३५इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता ने अवैध ज़ायोनी सरकार को नस्लवाद का प्रतीक बताया है और कहा है कि आक्रमणकारी ज़ायोनी खुद को एक श्रेष्ठ नस्ल और दूसरों को नीचा और गिरा हुआ इंसान मानते हैं, यही कारण है कि उन्होंने हज़ारों बच्चों का बेरहमी से नरसंहार किया है।
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वीडियो रिपोर्टः ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम को लेकर सुरक्षा परिषद में पास हुआ प्रस्ताव, लेकिन इस्राईल की मनमानी जारी, मानवीय ज़िन्दगियों से बढ़कर हैं नेतन्याहू के लक्ष्य!
Nov १६, २०२३ १५:५४ग़ज़्ज़ा युद्ध और अवैध ज़ायोनी शासन द्वारा फ़िलिस्तीनियों पर किए जाने वाले अत्याचारों और नरसंहार के सामने शांति और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने वाली संस्था के रूप में संयुक्त राष्ट्र संघ की निष्क्रियता और विशेष रूप सुरक्षा परिषद में जारी गतिरोध ने न केवल इस संस्था की साख को चोट पहुंचाया है बल्कि वैश्विक स्तर पर इसकी काफ़ी आलोचना हो रही है। अब 40 दिन बाद सुरक्षा परिषद ने एक न्यूनतम प्रस्ताव पारित कर ग़ज़्ज़ा युद्ध ख़त्म करने की दिशा में क़दम उठाया है। दिन ब दिन गहराते ग़ज़्ज़ा संकट का ...
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आख़िर अवैध इस्राईली शासन में ऐसा क्या है कि हज़ारों बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू के साथ खड़ा है अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश?
Nov १५, २०२३ १२:३२इस समय दुनिया के ज़्यादातर इंसानों के मन में एक सवाल ऐसा सवाल है कि जिसका जवाब किसी को भी नहीं मिल पा रहा है। सवाल यही है कि आख़िर पश्चिमी एशिया में मौजूद अवैध शासन इस्राईल में ऐसा क्या है कि उसके हर अपराध और विशेषकर उसके द्वारा हज़ारों बच्चों की हत्या किए जाने का बावजूद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और कनाडा समेत कई अन्य देश उसका समर्थन करते चले आ रहे हैं। अवैध ज़ायोनी शासन का समर्थन करने के पीछे क्या उनकी मजबूरी है या फिर यह उनकी किसी साज़िशी योजना का हिस्सा है।
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वीडियो रिपोर्टः सुरक्षा परिषद की बैठक में फ़िलिस्तीनी राजदूत की गुहार पर नहीं लगी मुहर, अमेरिका और ब्रिटेन ने इस्राईल को फिर दी हरी झंडी, आख़िर फ़िलिस्तीनियों के साथ सौतेला रवैया क्यों?
Nov १२, २०२३ १०:५८संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के आरंभ में फ़िलिस्तीन के राजदूत रियाज़ मंसूर ने अपील करते हुए कहा कि ग़ज़्ज़ा के बेगुनाह लोगों का नरसंहार तुरंत बंद किया जाए, इसी वक़्त उसे रोका जाना चाहिए, लेकिन दुखद बात यह रही कि उनके इस अनुरोध पर कोई भी तवज्जो नहीं दी गई, इसकी वजह अमेरिका और ब्रिटेन ही रहे जो लगातार ग़ज़्ज़ा में युद्धविराम का विरोध करते आ रहे हैं। फ़िलिस्तीनी राजदूत ने कहा कि ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम के लिए महासभा के प्रस्ताव को लागू किया जाना चाहिए, और ग़ज़्ज़ा के बारे में ...
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हथियार देने में जितनी तेज़ी करते हैं उतनी जल्दबाज़ी युद्धविराम के लिए क्यों नहीं करते अमेरिका और यूरोपीय देश?
Nov ०५, २०२३ १४:२७इस समय पूरी दुनिया की नज़र ग़ज़्ज़ा युद्ध पर टिकी हुई है। हर दिन मरने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सबसे दुखद चीज़ जो इस युद्ध में देखने को मिल रही है वह है मरने वालों में बच्चों और महिलाओं की तादाद। लेकिन सवाल यहां यह उठता है कि आख़िर फ़िलिस्तीनियों के इस नरसंहार के पीछे कौन लोग हैं और उनके क्या हित छिपे हुए हैं?