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भारतीय दूतावास खुलेगा
Dec ०१, २०२१ २३:२६अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में निकट भविष्य में भारतीय दूतावास खुलने वाला है।
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12 सांसदों को किस दोष में निलंबित किया गया है? उन पर क्या आरोप हैं?
Dec ०१, २०२१ १६:१२सांसदों के निलंबन को खत्म करने के लिए सरकार ने क्या शर्त रखी है?
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भारत, 23 लाख नौकरियां चली गयीं, जानिए सबसे ज़्यादा किस क्षेत्र की नौकरियां गयीं...
Dec ०१, २०२१ ०५:४२भारत में कोविड महामारी की वजह से पिछले साल लगाए गए लॉकडाउन के दौरान 23 लाख या 7.5 प्रतिशत नौकरियां चली गई थीं।
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5 वर्षों में 6 लाख से अधिक लोगों ने छोड़ दी भारतीय नागरिकता
Nov ३०, २०२१ २०:१८छह लाख से अधिक भारतीय नागरिकों ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी।
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भारत, राज्यसभा के 12 सदस्यों के निलंबन का मामला तूल पकड़ा, विपक्ष ने कहा माफ़ी कैसी??? वीडियो रिपोर्ट
Nov ३०, २०२१ १२:५७राज्यसभा के 12 सदस्यों के निलंबन का मामला तुल पकड़ते जा रहा है।
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डोर्सी के इस्तीफ़े के बाद अग्रवाल बने ट्विटर के सीईओ, अमरीका को मिल रहा है भारतीयों की प्रतिभा का फ़ायदा
Nov ३०, २०२१ ०७:२९ट्विटर के सह-संस्थापक और सीईओ जैक डोर्सी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है, जिसके बाद उनकी जगह पराग अग्रवाल को सीईओ नियुक्त किया गया है।
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किसानों के हक़ में आवाज़ उठाने वाले 12 सांसदों के निलंबन पर हंगामा तेज़ होने के आसार
Nov ३०, २०२१ ०७:०६राज्यसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए जाने की विपक्षी नेताओं ने कड़ी निंदा की है।
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भाजपा गठबंधन में सीएए को हटाने की मांग उठी
Nov २९, २०२१ १६:५०भारतीय संसद के शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को बुलाई गई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों की बैठक और सर्वदलीय बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) की नेता अगाथा संगमा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को निरस्त करने की मांग की।
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भारत की संसद में विवादित कृषि क़ानूनों को रद्द करने का बिल पास, दोनों सदनों में हंगामा
Nov २९, २०२१ १५:१३भारत की संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ और दर्जन भर सांसदों को सत्र की शेष कार्यवाही के लिए निलंबित कर दिया गया।
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आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी जातिवाद ख़त्म नहीं हुआ, भारत के सुप्रीम कोर्ट की फटकार
Nov २९, २०२१ १५:०३भारत के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जाति से प्रेरित हिंसक घटनाओं से पता चलता है कि आज़ादी के 75 साल बाद भी जातिवाद ख़त्म नहीं हुआ है और यह सही समय है जब नागरिक समाज जाति के नाम पर किए गए भयानक अपराधों के प्रति ‘कड़ी अस्वीकृति’ के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त करे।