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राष्ट्र संघ के पटल पर क्यों बढ़ती जा रही हैं ईरान पर हमले की इस्राईली धमकियां? क्या ईरान परमाणु बम बना चुका है? अब्दुल बारी अतवान का जायज़ा
Sep २८, २०२१ ०८:२५लगता है कि अमरीका की अब यह उम्मीद मर चुकी है कि ईरान वियेना में परमाणु वार्ता की मेज़ पर लौटेगा। इसीलिए उसने आईएईए के ज़रिए और इस्राईली धमकियों के रूप में ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है।
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अमरीका निकाल ले गया अपने पैट्रियट मिसाइल, बेहद कठिन विकल्पों में घिरी है रियाज़ सरकार, क्या ईरान और तुर्की से दोस्ती का फ़ैसला करने वाले हैं बिन सलमान?
Sep २२, २०२१ १८:२५अमरीका ने सऊदी अरब से अपने पैट्रियट मिसाइल सिस्टम निकल लिए हैं जिसके बाद टीकाकार कहने लगे हैं कि रियाज़ सरकार के सामने अब बड़े कठिन विकल्प हैं। कुछ ही दिन पहले एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि बाइडन सरकार ने हालिया हफ़्तों के दौरान सऊदी अरब की प्रिंस सुल्तान हवाई छावनी से पैट्रियट मिसाइल निकाल लिए हैं।
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सीरिया पर अमरीका ने लगाए प्रतिबंध और अब ख़ुद ही खुलवा रहा है रास्ते, हिज़्बुल्लाह ने ध्वस्त कर दीं अमरीकी शिकंजे की बुनियादें, क्या है ईरान की भूमिका?
Sep २२, २०२१ १७:४०सीरिया पर अमरीका ने जो प्रतिबंध लगाए वह अपने आप ध्वस्त होते जा रहे हैं। सीरिया के रक्षा मंत्री एमाद अली अय्यूब ने हाल ही में जार्डन की जो यात्रा की और जार्डन की सेना के चीफ़ आफ़ स्टाफ़ जनरल युसुफ़ हुनैती ने उनका जिस गर्मजोशी से इस्तेक़बाल किया वह इस विचार का बहुत ठोस सुबूत है।
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शंघाई सहयोग संगठन में ईरान की स्थाई सदस्यता, किसको कितना फ़ायदा? अमेरिका और पश्चिमी देशों की इस संगंठन को लेकर क्या है चिंता? अफ़ग़ान जनता को भी एससीओ से है आशा!
Sep १८, २०२१ १५:०३शंघाई सहयोग संगठन द्वारा इस्लामी गणतंत्र ईरान की पूर्ण और स्थाई सदस्यता पर मुहर लगाया जाना इस संगठन के द्वारा हालिया वर्षों में पारित किए जाने वाले प्रस्तावों में से यह सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव गिना जाएगा। इससे पहले शंघाई सहयोग संगठन ने भारत और पाकिस्तान की पूर्ण और स्थाई सदस्यता पर सहमति जताई थी।
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लेबनान के साहिल के क़रीब जा पहुंचे ईरानी तेल टैंकर, ईरानी-लेबनानी संयुक्त आप्रेशन रूम हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार! क्या करेगा अमरीका? नसरुल्लाह की जीत हर हाल में तय!
Sep ०२, २०२१ १२:३८लेबनान की सरकार और जनता दोनों को ईरान के पहले तेल टैंकर का इंतेज़ार था ताकि इस देश को ईंधन के संकट से बाहर निकाला जा सके। साथ ही यह भी देखने के लिए सब उत्सुक थे कि अमरीका और इस्राईल अपनी धमकियों पर अमल करते हुए ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाते हैं या नहीं?
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फ़िलिस्तीनी कमांडर की टारगेट किलिंग की बातें कर रहे हैं इस्राईली सांसद, क्या इसकी हिम्मत कर पाएगा इस्राईल? अफ़ग़ानिस्तान के हालात का क्या है असर?
Aug २४, २०२१ १५:४६फ़िलिस्तीनी संगठन हमास के विख्यात कमांडर यहया अलसिनवार इस्राईल के सुरक्षा और सैनिक नेतृत्व की हिट लिस्ट पर हैं यह बात इस्राईल की लिकुड पार्टी के सांसद डेविड बेटन ने कही तो हमें कोई ताज्जुब नहीं हुआ।
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फ़िलिस्तीनियों के सटीक मिसाइल पूरी तरह हैं तैयार, कभी भी शुरू हो सकती है इस्राईल से जंग...हिंसक प्रदर्शनों से निकलने वाली चिंगारी लावा बन सकती है!
Aug २३, २०२१ १५:३५गज़्ज़ा से लगने वाली इस्राईली सीमा जो दरअस्ल अवैध रूप से क़ब्ज़े में लिए गए फ़िलिस्तीनी इलाक़ों की सीमा है इस समय हिंसक प्रदर्शनों और भारी तनाव का दृष्य देख रही है। हिंसा में एक इस्राईली सैनिक घायल हो गया और चालीस से अधिक फ़िलिस्तीनियों को चोटें आईं।
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अमरीका की हार और तालेबान की फ़त्ह से इस्राईल पर छाए ख़ौफ़ की हैं चार प्रमुख वजहें, हवाई जहाज़ के पहिए से लटकने वाले अफ़ग़ान एजेंट फ़िलिस्तीन में आकर बसे ज़ायोनियों से ख़ुश क़िस्मत हैं, कैसे?
Aug २०, २०२१ ०६:०५इस्राईल का राजनैतिक और सैनिक नेतृत्व इस समय अफ़ग़ानिस्तान के हालात को बड़े चिंता भाव से और बड़ी बारीकी से देख रहा है हालांकि वह हालिया ग़ज़्ज़ा युद्ध में मिली भयानक हार के सदमें से भी अभी निकल नहीं पाया है।
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अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी ब्लंडर एक दो नहीं पूरी श्रंखला है, काबुल एयरपोर्ट से बाइडन के भाषण तक शर्मनाक ग़लतियां ही ग़लतियां!
Aug १८, २०२१ १२:०७अमरीका की शर्मनाक ग़लतियों की श्रंखला जिसकी कुछ कड़ियां हमने हालिया दिनों में देखीं और जिसकी आख़िरी कड़ी अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडन का भाषण था, एक ही चीज़ को साबित करती है कि अमरीकी और पश्चिमी विचारधारा अब अपनी मौत मर चुकी है। हम उस विचारधारा की बात कर रहे हैं जिसके तहत पश्चिमी देशों ने दूसरे देशों की सरकारों का तख़्ता उलटा और वहां लोकतांत्रिक शासन स्थापित करने की कोशिश की।
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तालेबान का क़ब्ज़ाः अफ़ग़ानिस्तान में क्या हो रहा है और अब आगे क्या होने जा रहा है?
Aug १७, २०२१ १७:३२पाकिस्तान के डान अख़बार की वेबसाइट ने अफ़ग़ानिस्तान के ताज़ा हालात का जायज़ा लेते हुए आगे के हालात का अनुमान लगाने की कोशिश की है।