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इस्राईल और उसके पिट्ठू अरब देशों को मुस्लिम धर्मगुरुओं ने दिया बड़ा झटका, दुनिया भर के इस्लामिक विद्वानों ने षड्यंत्रकारी समझौते से निपटने के लिए बनाई ज़बरदस्त योजना
Dec १६, २०२० १२:५८दुनिया भर के इस्लामिक विद्वानों और धर्मगुरुओं ने एक कान्फ्रेंस का आयोजन करके फ़त्वा जारी किया है। फ़त्वे के मुताबिक़, ज़ायोनी शासन के साथ किसी भी तरह के संबंध स्थापित करना हर रूप में ग़लत है। इस्लामिक विद्वानों और धर्मगुरुओं ने फ़िलिस्तीन के मुद्दे को इस्लामी जगत का सबसे महत्वपूर्ण मामला बताते हुए अरब शासकों द्वारा इस्राईल के साथ बनाए जा रहे सामान्य संबंधों पर गहरी चिंता भी व्यक्त की है।
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जद्दा बंदरगाह पर हमले में सऊदी अरब और क़तर के लिए ईरान का क्या संदेश है? ईरान के घटक, कहां हमला करके पूरी दुनिया को चौंका सकते हैं?
Dec १५, २०२० १५:३९लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुलयौम में इस के मुख्य संपादक और अरब जगत के प्रसिद्ध पत्रकार अब्दुलबारी अतवान ने मध्य पूर्व के हालात और युद्ध की आशंकाओं का जायज़ा लिया है।
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कुख्यात आतंकी के समर्थन में आए यूरोपीय देशों को ईरान की ज़बरदस्त फटकार, जानें कैसे और कहां आतंकवाद का इस्तेमाल करता है यूरोप!
Dec १४, २०२० १५:४१हाल ही में ईरान में एक ख़तरनाक अपराधी रूहुल्लाह ज़म, जो जासूसी सहित अनेक ख़तरनाक गतिविधियों में लिप्त था, उसको फांसी दे दी गई है। लेकिन उसकी फांसी की सज़ा पर फिर एक बार कथित तौर पर मानवाधिकार की रक्षा के बात करने वाले यूरोपीय देश सामने आ गए हैं। यह वही देश हैं जो दुनिया भर में खुले आम होते मानवाधिकार के उल्लंघन के मुख्य ज़िम्मेदार हैं। यूरोपीय देश एक ख़तरनाक अपराधी को अब पत्रकार बता कर उसका समर्थन कर रहे हैं। अब सवाल यही है कि एक ऐसा अपराधी जो बम बनाने से लेकर देश में विद्रोह का आरोपी हो और जिस
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ज़ारिया शहर में हुए नरसंहार की पांचवी वर्षगांठ, नाइजीरिया के शिया मुसलमान किस स्थिति में हैं?
Dec १४, २०२० १२:५४जब से आयतुल्लाह शेख़ ज़कज़की को जेल में क़ैद किया गया है तब से शेख़ याक़ूब पर नाइजीरिया के शिया मुसलमानों के नेतृत्व ज़िम्मेदारी है। वहीं वहाबियत कि जिसको सऊदी अरब का व्यापक समर्थन प्राप्त है वह नाइजीरिया में लगातार पैर पसार रही है, लेकिन शिया मुसलमानों के मज़बूत इरादों और विश्वास के आगे उसे लगातार पराजय मिल रही है।
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चुनावी गणित का मतलब क़िस्मत सरकार को सौंप देना नहीं...किसानों की हुंकार में भारत सरकार के साथ ही विश्व नेताओं के लिए भी संदेश
Dec १२, २०२० १४:४३भारत में हज़ारों किसान 26 नवम्बर को पैदल और ट्रैक्टर-ट्राली पर पंजाब और हरियाणा से नई दिल्ली की ओर रवाना हो गए और सारी रुकावटों से गुज़रते हुए नई दिल्ली पहुंच गए और राजधानी का घेराव कर लिया। अब इस प्रदर्शन में बहुत सारे सेक्टर शामिल हो गए हैं। 31 से अधिक ट्रेड युनियनों ने प्रदर्शनों का समर्थन किया है।
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ईरान की एटमी डील पर यूरोपीय देशों ने कितना अमल किया और कैसे धोखे दिए? व्यवहारिक रूप से देखा जाए तो यूरोप परमाणु समझौते से निकल चुका है!
Dec १०, २०२० १७:०२हालांकि अमरीका की ट्रम्प सरकार ने परमाणु समझौते का पालन नहीं किया और इस डील से वह निकल गई लेकिन ईरान की जनता को यह तर्कसंगत अपेक्षा थी कि यूरोपीय सरकारें परमाणु समझौते के तहत अपने वादों पर अमल करने के साथ ही इससे एक पक्षीय रूप से अमरीका के निकल जाने से होने वाले नुक़सान की भरपाई भी करतीं। मगर अच्छा ख़ासा वक़्त गुज़र जाने के बाद भी यह नहीं हो पाया।
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जाते जाते अपने वफ़ादारों को कई कई साल के लिए महत्वपूर्ण पदों पर बिठा रहे हैं ट्रम्प, मगर ट्रम्प ख़ुद कहां जाएंगे, भतीजी का कहना है जेल!
Dec १०, २०२० १३:०८ट्रम्प के सत्ताकाल के अन्तिम दिनों के बारे में न्यूयार्क टाइम्स लिखता है कि ट्रम्प की सत्ता का अन्तिम समय किसी ड्रामे से कम नहीं दिखाई दे रहा है क्याोंकि ट्रम्म किस समय क्या कर बैठें इसका अनुमान किसी को भी नहीं है।
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इस्राईली मीडिया में सैयद हसन नसरुल्लाह की टारगेट किलिंग की योजना की ख़बरों की अचानक भरमार क्यों हो गई? क्या डराना मक़सद है या गहरी चिंता का चिन्ह? बड़े पश्चिमी राजनेता ने क्या ख़ुलासा किया?
Dec १०, २०२० ११:५४आजकल कोई दिन ऐसा नहीं गुज़रता जब हिज़्बुल्लाह आंदोलन के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह की तसवीर इस्राईली मीडिया में चर्चा का मुद्दा न बने।
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क़तर की दृढ़ता के सामने नर्म पड़ रहा है सऊदी अरब...कुशनर की यात्रा का ईरान से क्या है संबंध? फ़ार्स खाड़ी के इलाक़े में अरब सरकारों के बीच क्या खिचड़ी पक रही है?
Dec ०९, २०२० १५:४६अब तक साफ़ नहीं हो सका है कि कुवैत के अमीर ने जारी सप्ताह सऊदी अरब और क़तर के बीच जिस संधि की बात कही है कि उसके मूल बिंदु और प्रारूप क्या हैं। कुवैत 2017 से क़तर के साथ सऊदी अरब, इमारात, बहरैन और मिस्र के गंभीर विवाद को निपटाने की कोशिश कर रहा था मगर उसे सफलता नहीं मिल पायी थी।
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दुनिया का एक ऐसा अपराधी जो सच में हवा में ग़ायब हो गया, 50 वर्षों के बाद भी बना है रहस्य, बिल्कुल फ़िल्मी है यह घटना!
Dec ०८, २०२० १३:३५विमानन के इतिहास में अपहरण का केवल एक ऐसा मामला है जो लगभग 50 साल बाद भी रहस्य बना हुआ है। 24 नवंबर वर्ष 1971 की दोपहर को पोर्टलैंड से सिएटल के लिए एक उड़ान अमेरिका से रवाना हुई थी जिसमें एक व्यक्ति ने बम धमाका करने की धमकी देकर बड़ी फिरौती पाई थी। पैसा मिलने के बाद अपहरणकर्ता ने सभी यात्रियों को रिहा कर दिया था और विमान को मैक्सिको जाने के लिए आदेश दिया था। रास्ते में, वह पैसे के साथ पैराशूट पहनकर कूद गया और ऐसा भागा कि आजतक उसका पता नहीं चल सका है।