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कथित लव जिहाद पर इतनी आपात स्थिति में क्यों लाया गया अध्यादेश? अदालत के आदेश की अन्देखी कर योगी सरकार क्या और किसे देना चाहती हैं संदेश?
Nov २७, २०२० ११:०१कथित लव जिहाद के मामले में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आख़िरकार सरकार अध्यादेश ले लाई है और दूसरी राज्य सरकारें जहां भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है वहां भी क़ानून बनाने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। वहीं दूसरी ओर इलाहाबाद उच्च न्यायालय जीवन साथी चुनने को मौलिक अधिकार बताते हुए इसमें दख़ल को ग़ैरक़ानूनी बता रहा है।
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इमारात के अधिकारी और कंपनियां इस तरह इस्राईल की ओर भाग रही हैं जैसे उन्हें फ़ौलादी पिंजरे से आज़ादी मिल गई हो
Nov २७, २०२० ०८:५६फ़िलिस्तीन पर ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा करने वाले इस्राईल से इमारात की दोस्ती परवान चढ़ने की ख़बरें इतनी ज़्यादा आ रही हैं कि सारी ख़बरों पर नज़र डाल पाना कठिन हो रहा है। इस्राईल के साथ इमारात का समझौता होते ही यह लग रहा है कि जैसे फ़ौलादी पिंदरे में बंद इमाराती कंपनियों को आज़ाद कर दिया गया है और वह तेल अबीब में लंबी लाइन लगाकर खड़ी हो गई हैं।
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ईरान पर हमले की तैयारी पूरी, इस्राईली सेना अलर्ट, ईरान का तबाही फैलाने वाला संदेश कैसे पहुंचा अमरीका व इस्राईल तक? सऊदी अरब का क्या होगा अजांम? रायुलयौम का धमाकेदार जायज़ा
Nov २६, २०२० १८:११लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र रायुलयौम के मुख्य संपादक और अरब जगत के प्रसिद्ध पत्रकार अब्दुलबारी अतवान ने मौजूदा हालात का डराने वाला जायज़ा पेश किया है।
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यमन की दलदल से निकल भागने के लिए बेचैन है सऊदी अरब...मगर जो हासिल किया है सब पर फिर जाएगा पानीः स्ट्रैटफ़ोर
Nov २६, २०२० १३:३३अमरीका के स्ट्रैटफ़ोर स्टैटेजिक एंड सेक्युरिटी सेंटर का कहना है कि सऊदी अरब अब यमन युद्ध से बाहर निकलने की अपनी इच्छा का संकेत दे रहा है।
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ईरान को आजकल क्यों सूझबूझ भरा संयम रखना चाहिए? कैसे ट्रम्प, ईरान के बारे में बाइडन की राह में कांटे बिछा सकते हैं? पढ़ें इतालवी कूटनयिक का जायज़ा
Nov २५, २०२० १९:२५मिडिल ईस्ट आई पत्रिका में संयुक्त राष्ट्र संघ में इटली के पूर्व राजदूत का एक आलेख छपा है जो बाइडन, ट्रम्प और ईरान के विषय पर बहुत से पहलुओं को उजागर करता है। पेश है इस लेख के कुछ भाग।
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कौन हैं एंटोनी ब्लिंकन जो संभालेंगे अमरीकी विदेश मंत्रालय की कमान? इस नाम से क्यों घबराए हुए हैं नेतनयाहू और बिन सलमान?
Nov २५, २०२० १४:४६अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने एंटोनी ब्लिंकन को विदेश मंत्री नामज़द किया है जिसके बाद ब्लिंकन के बारे में बहस शुरू हो गई है कि वह किस विचारधारा के व्यक्ति हैं।
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तुर्की के जहाज़ में घुस गए जर्मन सुरक्षा कर्मी स्टाफ़ को कर लिया गिरफ़तार...क्या आर्थिक प्रतिबंधों से पहले यह कड़ी वार्निंग है? अर्दोग़ान का क्या होगा जवाब?
Nov २५, २०२० ०६:०९तुर्की के समुद्री जहाज़ को जो लीबिया के मिस्राता शहर की ओर जा रहा था जर्मन युद्धक जहाज़ ने बीच में ही रोक लिया। जर्मन सुरक्षा कर्मी हेलीकाप्टर से तुर्क जहाज़ के बोर्ड पर उतरे और जहाज़ की तलाशी लेने के बाद कैप्टन और कर्मीदल को गिरफ़तार कर लिया। यह बहुत बड़ी घटना है जो सैनिक टकराव की सीमा तक आगे जा सकती है।
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नेतनयाहू ने रखे मक्का-मदीना की धरती पर अपने नापाक क़दम... आप जिस तरह चाहें इस्राईल की गोद में जाकर बैठें मगर हम इतना जानते हैं कि आपको पछताना पड़ेगा!
Nov २४, २०२० ०७:१४जब इस्राईल के सारे सरकारी और ग़ैर सरकार संचार माध्यम कह रहे हैं कि लाल सागर के तट पर नियोम शहर में मुहम्मद बिन सलमान और माइक पोम्पेयो से इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू की रविवार को मुलाक़ात हुई तो सऊदी अरब के विदेशमंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान के ट्वीट में बहुत शर्मा कर और लजा कर किया जाने वाला खंडन हरगिज़ यक़ीन करने लायक़ नहीं है।
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अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में क्यों नहीं पनप सकता दाइश
Nov २३, २०२० १३:२५अफगानिस्तान और पाकिस्तान में दाइश के विस्तार की राह में कुछ बड़ी बाधाएं हैं। पहली रुकावट यह है कि इन इलाक़ों की अपनी संस्कृति है और वह विदेशियों को पसंद नहीं करते।
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क्या फ़्रांसीसी राष्ट्रपति को हिटलर कहकर पाकिस्तानी मंत्री ने ग़लती की? मैक्रां से हमारा एक सवाल है अलबत्ता हमें मालूम है कि वह जवाब नहीं देंगे!
Nov २३, २०२० ०५:३१पाकिस्तान और फ़्रांस के संबंध इस समय बहुत ख़राब हो गए हैं क्योंकि पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद के अपमानजनक कार्टून के मसले पर फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां के रवैए ने पाकिस्तान की जनता और सरकार सबको बेहद आक्रोश दिला दिया है। फ़्रांस के ख़िलाफ़ पूरे इस्लामी जगत में नाराज़गी है और फ़्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार का आंदोलन चल रहा है।