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यमन युद्ध के दौरान ब्रिटेन ने सऊदी अरब से कमाए 15 अरब पाउंड, क्या मौत की सौदागार नहीं है लंदन सरकार!
Apr १५, २०२० १३:४८ब्रिटेन की बीएई सिस्टम्ज़ कंपनी ने जो युद्धक विमान और अन्य रक्षा उपकरण बनाती है सऊदी अरब को यमन युद्ध के दौरान कुल 15 अरब पाउंड के हथियार बेचे हैं।
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कोरोना वायरस के सामने अमेरिका ने क्यों टेक दिए घुटने? कोरोना वायरस के बाद अमेरिका के बहुत सारे ख़्वाब टूट जाएंगे!
Apr १५, २०२० १३:३५ओबामा ने व्हाइट हाउस छोड़ने से पहले ट्रम्प के साथ मिलकर एक काल्पनिक महामारी के ख़िलाफ़ अभ्यास किया था और पूरी रणनीति उनके हवाले कर दिया था। लेकिन ट्रम्प ने सत्ता संभालते ही उसे दरकिनार कर दिया और उस विभाग को ही ख़त्म कर दिया।
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दुनिया के सामने कोरोना वायरस से भी ज़्यादा ख़तरनाक चुनौतियां, दुनिया में नफ़रत का व्यापार करने वाले किस बात से हैं ख़ुश?
Apr १५, २०२० ११:५१यह जो संकट होते हैं, यह किसी न किसी अवसर को ज़रूर जन्म देते हैं और कोरोना जैसे अनोखे संकट उतने ही अभूतपूर्व अवसरों को जन्म देते हैं। दुनिया के फासीवादी, तानाशाह और ऐसे महत्वकांक्षी लोग जिनके दिलों में फासीवादी बनने की इच्छा होती है, वे ऐसे गंभीर संकटों में न केवल अपने षड्यंत्रकारी कार्यों को जारी रखते हैं बल्कि इन संकटों को अपने लिए अवसर मानते हुए कृत्यों में और तेज़ी ले आते हैं। क्योंकि वे लोग समझते हैं कि दुनिया संकट में उलझी हुई है इसलिए वे कुछ भी करेंगे उसपर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आएगी।
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युद्ध विराम की घोषणा के बाद यमन के मोर्चों पर क्यों तेज़ हो गए हैं सऊदी हमले? सैनिक गतिविधियां बढ़ाने का कारण क्या है? क्या हासिल करना चाहती है रियाज़ सरकार?
Apr १५, २०२० ११:०६सऊदी अरब ने यमन में संघर्ष विराम का एलान तो कर दिया लेकिन देखने में आ रहा है कि सारे मोर्चों पर लड़ाई तेज़ हो गई है। सऊदी अरब की ओर से यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन पर और अंसारुल्लाह आंदोलन की ओर से सऊदी अरब पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया जा रहा है।
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महिला नेताओं ने कोरोना वायरस का ज़्यादा प्रभावी और ज़िम्मेदाराना मुक़ाबला किया लेकिन उनकी संख्या इतनी कम क्यों है?
Apr १५, २०२० ०५:३८ताइवान में कोरोना वायरस की महामारी पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल प्रभावी क़दम उठाए गए और आज यह देश यूरोपीय संघ और अन्य देशों को दसियों लाख की संख्या में मास्क निर्यात कर रहा है।
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ट्रम्प के बुरे दिन, आर्थिक जुनून ने बना दिया मसख़रा, सलाहकार भी कोसने लगे, हमारी तो नसीहत यह है कि चीनी राष्ट्रपति को अब ग्लोबल लीडर के रूप में देखिए!
Apr १४, २०२० ०४:३५अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प कोरोना वायरस के मुद्दे को लेकर लगभग रोज़ाना जो प्रेस कान्फ़्रेंस कर रहे हैं वह उनकी अज्ञानता, घमंड और अकड़ की नुमाइश का सरकस बनकर रह गई है।
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इमारात ने बदला स्वर, ईरान और सीरिया के बारे में दोस्ती की बातें, क्या पश्चिमी एशिया नई दिशा में बढ़ना चाहता है?
Apr १३, २०२० ०७:१०हमें यह तो नहीं लगता कि कोरोना वायरस की महामारी और इमारात-सीरिया संबंधों में हो रहे हालिया परिवर्तनों में कोई गहरा संबंध है क्योंकि दोनों देशों के संबंधों के ख़राब होने के जो कारण थे वह अब ख़त्म हो चुके हैं और दूसरी ओर वह एलायंस भी टूट चुका है जिसने सीरिया को निशाना बनाया था।
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क्या भारत के अच्छे दिनों के बजाए बुरे दिन आने वाले हैं? विश्व बैंक का दावा, 40 साल में सबसे बुरा दौर देख सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था!
Apr १२, २०२० १६:१२वर्ष 2014 की बात है भारत में आम चुनाव होने वाले थे, सभी पार्टियां चुनाव के मैदान में अपनी पूरी ताक़त झोंके हुए थीं, लेकिन इन सबके बीच एक आवाज़ जो सबसे ज़्यादा आ रही थी “वह थी अच्छे दिन आने वाले हैं।” इस नारे का जादू ऐसा चला कि सातवां वर्ष जारी है और इस नारे को देना वाला व्यक्ति दिल्ली के सिंहासन पर बैठा हुआ है। भारत की जनता आज भी उस नारे को व्यवहारिक होते देखने की चाहत लिए बैठी हुई है।
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कोरोना की तबाही पर अमरीकी सेनेटर ने बयान किया अपना आभासः हम गिर रहे हैं, हम डूब रहें हैं और किसी को इस गहरे गढ़े की तह नहीं दिखाई दे रही है,
Apr १२, २०२० १३:१९अमरीकी अख़बार न्यूयार्क टाइम्ज़ ने अपने संपादकीय में लिखा है कि हालिया कुछ हफ़्तों के भीतर अमरीकी अर्थ व्यवस्था को जो नुक़सान पहुंचा है वह बेहद विनाशकारी है।
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कोरोना वायरस की आड़ में आख़िर क्यों फैलाई जा रही हैं मुस्लिम विरोधी भावनाएं? कट्टरपंथी हिन्दू विचारधारा कहीं इस बात का कारण तो नहीं बन रही है?
Apr १२, २०२० १२:१२एक ओर इस समय पूरी दुनिया जहां कोरोना वायरस जैसी महामारी से बुरी तरह जूझ रही है वहीं भारत में मरकज़ निज़ामुद्दीन में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के मिलने वाले प्रकरण का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ नफरत और हिंसा भड़काने के लिए किया जा रहा है। इसमें राजनेताओं, सरकारों, मीडिया और सोशल मीडिया, सब की भूमिका पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।