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अरब देशों ने तो ईरान से वार्ता के चैनल खोलने शुरू कर दिए, इस्राईल इन देशों से अनाक्रमण संधि करने के बजाए अपनी ख़ैर मनाए, उस समय के बारे में सोचे जब उस पर रोज़ाना चार हज़ार मिसाइल बरसेंगे!
Nov ११, २०१९ ०६:१७अरब दुनिया के विख्यात टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू जिनकी सत्ता का समापन हो चुका है इन दिनों बड़ी मेहनत से कुछ अरब देशों के साथ इस्राईल के दोस्ताना संबंधों की बातें बार बार कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने भ्रामक बयानों का सहारा लिया है।
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क्या इराक़ के पटल पर ईरानी पैठ ने अमरीका को फिर पछाड़ा, जनरल सुलैमानी से मुलाक़ात में इराक़ी राजनैतिक ताक़तों ने जनान्दोलन को समाप्त करने का लिया फ़ैसला, प्रधानमंत्री अब्दुल महदी करेंगे बुनियादी सुधार
Nov १०, २०१९ ०७:२०बग़दाद में दो दिन पहले जो बैठक हुई और जिसमें ईरान की अलक़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख जनरल क़ासिम सुलैमानी भी शामिल हुए इसी तरह सभी संसदीय दलों के नेताओं जैसे मुक़तदा सद्र, अम्मार हकीम, हादी आमेरी, आयतुल्लाह सीस्तानी के बेटे मुहम्मद रज़ा सीस्तानी ने भाग लिया, वह अभूतपूर्ण बैठक थी।
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कितना भयानक होगा ईरान व इस्राईल युद्ध? किस तरह से ईरान, इस्राईल में तबाही फैला देगा? विस्तार से बताया इस्राईली राजदूत ने, खींचा जंग का भयानक नक्शा...
Nov ०९, २०१९ १३:१६इस्राईल के पूर्व राजदूत ने " मिशल ओरेन" ने एटलांटिक में लिखे गये अपने एक लेख में कहा है कि तेलअबीव की एक गलती, भयानक युद्ध में बदल सकती है और इससे यहूदी देश पर राकेटों की बारिश होगी और इस्राईल की रक्षा शक्ति को तबाह हो जाएगी।
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क्या नैटो मौत के बिस्तर पर पड़ा हुआ बीमार है जैसा फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा? पोम्पेयो सही कहते हैं कि नैटो विलुप्ति की कगार पर है? कहीं यह चीन के विशाल उदय का नतीजा तो नहीं?
Nov ०९, २०१९ ०३:३८अरब जगत के विख्यात टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः पिछले दो दिनों में नैटो के भविष्य के बारे में दो बेहद महत्वपूर्ण बयान सामने आए और दोनों बयानों का कारण सीरिया में तुर्की का सैनिक हस्तक्षेप और उत्तरी सीरिया से अमरीकी सैनिकों का निष्कासन था। इन बयानों से यह भी पता चलता है कि कुछ ही वर्षों के भीतर चीन विश्व स्तर पर अमरीका का स्थान ले लेगा।
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अमरीका ने फ़ार्स खाड़ी रक्षा एलायंस बनाया और ग़ायब रहे तीन अरब देश, एलायंस का यह ड्रामा क्या ईरान जैसी ताक़त को आगे बढ़ने से रोक पाएगा? कहीं अरबों का माल लूटने की यह नई क़वायद तो नहीं?
Nov ०८, २०१९ ०७:२६घोषणा कर दी गई कि अमरीका के नेतृत्व में बने एलायंस ने फ़ार्स खाड़ी के जल क्षेत्र की रक्षा का अभियान शुरू कर दिया है। इसमें केवल छह देश शामिल हैं। इस पर हमें अरबी भाषा की यह कहावत याद आई कि प्रसव पीड़ा तो पहाड़ को हुई लेकिन पैदा हुआ चूहा!
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चार संकेत बताते हैं कि फ़ुरात नदी के पूर्वी इलाक़ों में तेल के कुओं की लड़ाई क़रीब आ गई है, रूस ने अचानक अमरीकी क़ब्ज़े पर क्यों तेज़ कर दिया हमला? क्या प्राक्सी युद्ध की तैयारी शुरू हो गई है?
Nov ०७, २०१९ ०७:१६अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः सीरिया के पटल पर तेज़ी से जारी राजनैतिक और सामरिक परिवर्तनों का सरसरी नज़र से जायज़ा लेकर भी यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पूर्वी दैरुज़्ज़ूर की लड़ाई प्राथमिकता में आ गई है।
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यूरेनियम संवर्धन व्यापक और उच्च स्तर पर दोबारा शुरू करने का एलान, ईरान ने फिर साबित किया कि किसी भी दबाव में नहीं, हमास ने तेहरान को पेश किया अनमोल तोहफ़ा
Nov ०६, २०१९ ०७:४०ईरान ने सऊदी अरब और बहरैन को पत्र भेजे जिनमें इलाक़े में शांति की स्थापना की पेशकश है। जब इन पत्रों का एलान किया गया तो कुछ लोगों को यह लगा कि पत्र भेजना ईरान की कमज़ोरी का चिन्ह है क्योंकि ईरान पर लेबनान और इराक़ में जारी प्रदर्शनों के कारण भारी दबाव पड़ रहा है।
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सऊदी अरब की आरामको कंपनी के शेयर बेचने के क्या हैं फ़ायदे और ख़तरे? लंदन का शेयर बाज़ार क्या अमरीकी वसूली के डर से चुना गया?
Nov ०५, २०१९ ०५:३७सऊदी अरब की सरकार ने देश की तेल कंपनी आरामको के शेयर बिकने के लिए बाज़ार में पेश कर दिए हैं।
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क्या हरीरी के बाद अब्दुल महदी भी इस्तीफ़ा देंगे? दोनों देशों के प्रदर्शनों में क्या समानता और अंतर है? प्रदर्शनों को अलग रुख़ देने के लिए अमरीकी हस्तक्षेप की रिपोर्टों पर कुछ लोगों को हैरत क्यों है?
Nov ०३, २०१९ ०६:१६अरब जगत के जाने माने टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः अरब दुनिया में 2011 में प्रदर्शनों की एक लहर उठी जिसने अधिकतर तानाशही सरकारों को उलट दिया, इसके बाद दूसरी लहर सूडान और अलजीरिया में उठी जिसने सेना की सरकारों को बर्खास्त कर दिया और अब तीसरी लहर लोकतांत्रिक सरकारों के ख़िलाफ़ उठी है जिनके बारे में ख़ुद यह सरकारें समझ रही थीं कि वह बहुत सुरक्षित हैं।
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प्रतिबंध लगाने के बाद सीरिया का तेल ख़ुद स्मगल कर रहा है अमरीका, अगर यह डकैती नहीं तो क्या है?
Nov ०२, २०१९ ०५:२८अमरीका ने सीरिया पर प्रतिबंध लगाए हैं कि कोई भी देश उससे न तो तेल ख़रीद सकता है और न ही उसे तेल बेच सकता है।