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अमरीका, ईरान पर परमाणु प्रतिबंधों से छूट क्यों देता है? अमरीकी विशेषज्ञ ने बतायी दिलचस्प वजह
Nov ०१, २०१९ १६:३८एक अमरीकी टीकाकार ने समाचर पत्र इंडिपेंडेंट से एक वार्ता में बताया है कि अमरीका, ईरान पर हर क्षेत्र में कड़े से कड़े प्रतिबंध लगाने के बावजूद, परमाणु क्षेत्र में प्रतिबंधो से छूट को क्यों बार बार बढ़ा रहा है।
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क्या ईरान इस्राईल के डिमोना परमाणु प्रतिष्ठान पर हमला करेगा? इस्राईल में परमाणु त्रासदी से खौफ... रूसी समाचार पत्र ने इस सवाल का दिलचस्प जायज़ा पेश किया।
Nov ०१, २०१९ १३:३६रशा टूडे अरब वेब साइट ने रूसी समाचार पत्र नेज़ावीसीमाया गाज़ेटा का एक लेख प्रकाशित किया है जो ईरान और इस्राईल के मध्य जारी टकराव के स्तर पर चर्चा करता है। इस आलेख का शीर्षक है मध्य पूर्व मे एक और चेर्नोबिल!
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लेबनान की वायु सीमा में इस्राईली ड्रोन, ...लेकिन इस समय क्यों? इस्राईली चीफ़ आफ़ आर्मी स्टाफ़ कई मोर्चों पर बहुत जल्द जंग छिड़ने की बात क्यों कह रहे हैं? क्या नेतनयाहू यमन युद्ध में कूद पड़ने का संकेत दे रहे हैं?
Nov ०१, २०१९ ११:३३अरब जगत के जाने माने टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः हम लेबनान में होने वाले प्रदर्शनों की बात को थोड़ी देर के लिए रोकना चाहते हैं, इसलिए नहीं कि प्रदर्शनों की तीव्रता में कमी आई है और सेना ने सड़कों पर उतर कर वहां बनाई गई रुकावटें हटा दी हैं।
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इराक़ की कहानी, कुछ लफ्ज़ो में, इराकी पत्रकार ने खोले राज़, जाने अबतक कितने लाख लोगों को अमरीका ने मारा है ? आंखें खोल देने वाले आंकड़े!
Oct ३१, २०१९ १५:०३इराक़ के प्रसिद्ध टीकाकार, प्रोफेसर कमाल मजीद ने इराक के हालात का आंखें खोल देने वाला जायज़ा पेश किया है। ज़रूर पढ़ें।
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अमरीका ने तुर्की के ख़िलाफ़ छेड़ दी बड़ी लड़ाई, प्रतिनिध सभा में तुर्की पर प्रतिबंधों का बिल पास, क्या होगा तुर्की का जवाब? क्या इस बार तुर्क लीरा ख़ुद को संभाल पाएगा?
Oct ३१, २०१९ ०६:१६अमरीकी प्रंतिनिधि सभा ने 16 के मुक़ाबले में 405 वोटों से एक प्रस्ताव पारित करके यह पुष्टि की कि आर्मीनियन्स का क़त्ले आम हुआ था और साथ ही राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से तुर्की पर लगाए गए कई प्रतिबंधों को भी स्वीकृति दे दी। तुर्की से इम्पोर्ट किए जाने वाले फ़ौलाद और स्टील पर अमरीका ने कस्टम ड्यूटी भी बढ़ा दी है।
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हरीरी ने इस्तीफ़ा प्रदर्शनों के कारण दिया या बाहरी दबाव में? क्या वह राजनैतिक शून्य शुरू हो गया जिसकी चेतावनी सैयद नसरुल्लाह ने दी थी? गृह युद्ध की कितनी आशंका है?
Oct ३०, २०१९ ०६:४२अरब जगत के जाने माने टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः लेबनान के प्रधानमंत्री सअद अलहरीरी के त्यागपत्र पर लेबनान की सड़कों के साथ ही अरब दुनिया में भी खुशी मनाई गई साथ ही इसे ज़िम्मेदारियों से भागने वाला क़दम भी कहा गया जिससे कोई हल नहीं निकलेगा बल्कि संकट और बढ़ेगा।
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इस्राईल को हो चला है ख़तरे का एहसास, जनता से विश्वास की भीख मांग रहे हैं नेतनयाहू, चीफ़ आफ़ आर्मी स्टाफ़ को डर है कि एक साथ कई मोर्चे से इस्राईल पर शुरू हो सकते हैं हमले!
Oct २९, २०१९ ०९:१५इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू फ़ेक न्यूज़ फैलाने के मास्टर समझे जाते हैं। वह अपने व्यक्तिगत और राजनैतिक स्वार्थ के लिए ख़ुद भी और अपने क़रीबी लोगों के माध्यम से भी झूठी ख़बरें बड़ी आसानी से फैलाते हैं।
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ट्रम्प ने औपचारिक रूप से माना कि वह सीरिया का तेल और गैस चुरा रहे हैं, अमरीकी राष्ट्रपति ने कंपनियों से कहा है कि वह इस आमदनी को संभालें! अमरीकी राष्ट्रपति और माफ़ियाओं में क्या फ़र्क़ रह गया है?!
Oct २८, २०१९ १७:२९हम तो यह समझ रहे थे कि सीरिया में दैरुज़्ज़ूर के पूर्वी इलाक़ों में तेल और गैस के भंडारों पर अगर अमरीकी सेनाएं और टैंक क़ब्जा करके बैठे हैं तो उद्देश्य यह है कि उन्हें आतंकी संगठन दाइश के क़ब्ज़े में जाने से रोका जाए जिसने तेल और गैस से होने वाली आमदनी की मदद से अपनी ताक़त काफ़ी बढ़ा ली थी।
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सीरिया में फिर अपनी सैनिक उपस्थिति मज़बूत करने के चक्कर में पड़ गया अमरीका, क्या कुर्दों ने सीरिया और रूस दोनों को धोखा दिया? यह धोखा सीरिया और तुर्की को एक दूसरे से क़रीब कर सकता है?
Oct २६, २०१९ ०७:००अरब दुनिया के मशहूर टीकाकार अब्दुल बारी अतवान का जायज़ाः अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने पूर्वोत्तरी सीरिया से अपने सैनिक बाहर निकालने के फ़ैसले से पलटी मारी है और रक्षा मंत्री मार्क इस्पर ने कहा है कि हसका तथा पूर्वी दैरुज़्ज़ूर के इलाक़ों में तेल और गैस के भंडारों की रक्षा के लिए अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी ताकि यह भंडार दाइश के हाथ न लग जाएं।
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किसे अपनी नीतियां बदलना चाहिए... सऊदी अरब को या ईरान को ? कैसे फंसाया अमरीका ने सऊदी अरब को ? क्या होगा नया युद्ध? प्रसिद्ध पत्रकार महमूद अलब़ाज़ी ने दिये इन सवालों के जवाब
Oct २५, २०१९ १२:०६अरब जगत के प्रतिष्ठित पत्रकार और यूनिस्को के सदस्य प्रोफेर महमूद अलबाज़ी ने सऊदी अरब और ईरान के संबंधों में आने वाले उतार- चढ़ाव का गहराई से जायज़ा लिया है।