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अमरीका में उठी मांग कि सऊदी अरब को उसके हाल पर छोड़े वाशिंग्टन सरकार
May ०५, २०२० १०:०१भारी तेल संकट के बीच सऊदी अरब के तेल टैंकर अमरीका पहुंचे हैं तो इस देश में यह मांग ज़ोर पकड़ गई है कि सऊदी अरब को उसके हाल पर छोड़ दिया जाए और वहां मौजूद अमरीकी सैनिकों को वापस बुलाया जाए।
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सऊदी अरब की गिरती अर्थव्यवस्था की मुक्ति, यमन के हाथ मेंः अलहूसी
May ०४, २०२० १२:२०मुहम्मद अली अलहूसी ने कहा है कि सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था की मुक्ति का एकमात्र मार्ग, यमन पर हमलों को रोकना है।
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ईरान, तुर्की और अरब देशों में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की उम्मीद लगाए बैठा है इस्राईल लेकिन क्या ज़ायोनी शासन इस हालत में है कि हालात का फ़ायदा उठाए?
May ०४, २०२० १०:४९इस्राईल को इस समय बड़ी उम्मीद हो गई है कि अरब देशों में दूसरी अरब स्प्रिंग शुरू होगी और ज़ायोनी शासन को अपने लक्ष्य साधने का मौक़ा मिल जाएगा।
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क्यों दर्दनाक और कठोर उपायों की चेतावनी दे रहे हैं सऊदी वित्त मंत्री? क्या बिन सलमान से ट्रम्प की अपमानजनक टेलीफ़ोनी वार्ता के बाद ख़त्म हो गया दोनों देशों का एलायंस?
May ०४, २०२० ०२:४६यह कभी नहीं हुआ कि कोई वरिष्ठ सऊदी अधिकारी इस तरह दो टूक शब्दों में आंकड़े बयान कर दे और सारी जानकारियां सामने रख दे जैसा सऊदी अरब के वित्त मंत्री मुहम्मद अलजदआन ने शनिवार को अलअरबिया टीवी चैनल के साथ साक्षत्कार में देश की आर्थिक हालत के बारे में किया।
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एक ग़लती और फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों में हिंदुत्व एजेंडा आगे बढ़ाने का आरएसएस का सपना चकनाचूर -2
May ०३, २०२० १२:०८फ़ार्स खाड़ी के अरब देशों ने व्यापार और धर्म को लेकर कुछ सिद्धांत अपनाए। इन देशों के शासनों ने इन सद्धांतों का कड़ाई से पालन किया। इनमें से एक प्रमुख सिद्धांत यह था कि व्यापार में धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। इस तरह से यह देश दुनिया भर के निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल रहे।
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सऊदी अरब गिरती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सख़्त उपाय अपनाने पर मजबूर, भारत पर इसका असर, बिन सलमान से कहां हुयी चूक!!
May ०३, २०२० ०८:१०सऊदी अरब कोरोना वायरस पेन्डेमिक के आर्थिक असर से निपटने के लिए कठोर उपाय अपनाने जा रहा है।
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अमरीका के लिए ईरान और सऊदी अरब में इतना अंतर क्यों है, ईरान पर तो हथियारों की पाबंदी लगाता है और सऊदी अरब के लिए दरियादिली दिखाता है?
May ०२, २०२० १०:४४अमरीका की नज़र में दो सरकारें हैं जो एक दूसरे से पूरी तरह अलग बल्कि विरोधाभासी हैं। अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पेयो ने कहा कि अमरीका ईरान को हथियार ख़रीदने का मौक़ा नहीं देगा बल्कि ईरान पर हथियारों की ख़रीदारी को लेकर लगे प्रतिबंधों की अवधि में विस्तार के लिए हर संभव कोशिश करेगा क्योंकि ईरान पर लगे प्रतिबंधों के हटने का समय क़रीब आ गया है।
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वीडियो रिपोर्टः यमन से आई दो ख़बरें एक अच्छी और एक बुरी! सऊदी गठबंधन द्वारा मारिब प्रांत को लेकर देखा गया सपना हुआ चकनाचूर
May ०१, २०२० १६:१५यमन के सशस्त्र बलों ने अपने एक विशेष सैन्य अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए अल-जौफ़ प्रांत को 97 प्रतिशत आज़ाद करा लिया है। यमनी सेना के अनुसार, 3500 वर्ग किलोमीटर का इलाक़ा उसके नियंत्रण में है। अल-लबानात सैन्य छावनी आज़ाद होने वाले क्षेत्रों में सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मारिब प्रांत पहुंचने का key-point है। हलांकि सऊदी एजेंटों ने इस ख़तरे को भांप लिया है और इसीलिए उन्होंने यमनी सेना और स्वयंसेवी बलों के ख़िलाफ़ साज़िशें रचना आरंभ कर दिया है।
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अमरीका और सऊदी अरब में तेल युद्ध, ईरान के पास यह है तुरुप का पत्ता ... कोरोना के बाद कितना बदलेगा सऊदी अरब और क्षेत्र ?
May ०१, २०२० १३:०१दो हफ्ते पहले जब शिकागो में तेल के व्यापारियों ने फ्यूचर मार्केट में तेल को माइनस 25 डालर में बेचा तो अचानक ही पता चला कि तेल का संकट कितना गहरा हो चुका है।
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परमाणु समझौता एक त्रासदी था, हम उसमें वापस नहीं आना चाहतेः माइक पोम्पियो
May ०१, २०२० ०५:२१माइक पोम्पियो ने कहा कि हमारा लक्ष्य परमाणु समझौते में वापसी नहीं है और यह वह कार्य नहीं है जिसे हम अंजाम देना चाहते हैं।