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इस्राईल ने फिर गज़्ज़ा पर बमबारी की
Mar २४, २०१९ ०३:२५इस्राईली सेना ने रविवार तड़के, गज़्ज़ा में कई जगहों पर बमबारी की है।
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फ़िलिस्तीन के नए प्रधान मंत्री की नियुक्ति ग़ैर क़ानूनी है, हमास
Mar ११, २०१९ ०८:५४फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधी संगठन हमास ने फ़िलिस्तीन के नए प्रधान मंत्री और सरकार को मान्यता देने से इनकार कर दिया है।
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ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल का हमला, हमास ने कहा ग़ज़्ज़ा पट्टी का परिवेष्टन ख़त्म करवाए विश्व समुदाय
Mar ०३, २०१९ ०९:१०इस्राईली युद्धक विमानों ने ग़ज़्ज़ा पट्टी पर बमबारी की है। यह हमला अलमग़ाज़ी शरणार्थी शिविर के पूरब में एक चेकपोस्ट पर किया गया है।
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फ़िलिस्तीन के ख़िलाफ़ सभी चालें विफल होंगीः हमास
Jan १९, २०१९ ०८:३७फ़िलिस्तीन के हमास संगठन ने कहा है कि फ़िलिस्तीनी जनता के प्रतिरोध के ख़िलाफ़ की जाने वाली सभी साज़िशें विफल होंगी।
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ईरानी विदेश मंत्री और ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने फ़िलिस्तीन के संबंध में किया अहम एलान
Dec २३, २०१८ १२:५३विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि फ़िलिस्तीन का समर्थन करना इस्लामी गणतंत्र ईरान की नीतियों का आधार है।
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इस्राईल को घेर कर उसके अपराधों का पर्दा चाक करे इस्लामी जगत
Nov २४, २०१८ १३:५३फ़िलिस्तीनी संगठन हमास के राजनैतिक विभाग के प्रमुख इसमाईल हनीया ने कहा कि फ़िलिस्तीन मुद्दे के लिए उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का मुक़ाबला करने के लिए क्षेत्र की सभी शक्तियों की सम्मिलिति से एक गठबंधन बनना चाहिए।
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हमारा लक्ष्य इस्राईल की समाप्ति हैः हमास
Nov २१, २०१८ १३:१७फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन हमास ने कहा है कि हमारा मुख्य लक्ष्य इस्राईल की समाप्ति है।
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बमबारी का जवाब, बमबारी हैः हमास
Nov १८, २०१८ ०६:३७फ़िलिस्तीन के हमास संगठन ने कहा है कि अगर ज़ायोनी शासन ने फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध से टकराने की कोशिश की तो पूरा इस्राईल प्रतिरोध की गोलाबारी की चपेट में आ जाएगा।
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हमास इस्राईल का मुक़ाबला करने के लिए हर समय तैयार
Nov १६, २०१८ १७:२६ईरान में इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास के प्रतिनिधि ख़ालिद क़ुद्दूमी ने कहा है कि हमास सहित फ़िलीस्तीन के सभी प्रतिरोध बल ज़ायोनी शासन का मुक़ाबला करने के लिए हर समय तैयार हैं।
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ख़ाशुक़जी हत्या कांड में बिन सलमान को बचाने के लिए ट्रम्प प्रशासन की कोशिशें, मगर मीडिया बख़्शने के लिए तैयार नहीं
Nov १३, २०१८ १६:३८सऊदी अरब के वरिष्ठ पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है लेकिन यह मुद्दा अब भी प्रचारिक और राजनैतिक गलियारों की बहस और चर्चा का विषय बना हुआ है।