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उपनिवेशवाद का कलंक/ 'थियारॉय': अफ्रीका के सबसे बड़े औपनिवेशिक नरसंहार में फ्रांस का अस्सी साल का ढोंग
Feb १९, २०२६ १०:२३पार्सटुडे- 'थियारॉय' नरसंहार सेनगाल के उपनिवेश काल के दौरान फ्रांस के सबसे खूनी और सबसे छिपाए गए अपराधों में से एक है। 1944 में थियारॉय सैन्य शिविर में अफ्रीकी सैनिकों का यह सामूहिक वध, न केवल औपनिवेशिक व्यवस्था की क्रूरता का उदाहरण है, बल्कि दशकों के ढोंग और सच्चाई को नकारने का प्रतीक भी माना जाता है।
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खून से सनी हाथीदांत की राहें: अफ्रीका के जंगलों से यूरोप के अमीरों के महलों तक
Feb ०१, २०२६ १३:४६पार्स टुडे: अठारहवीं और उन्नीसवीं सदी में, यूरोप में हाथीदांत की मांग में अचानक विस्फोट ने अफ्रीका को पश्चिमी उपनिवेशवादियों के सबसे क्रूर अखाड़ों में से एक बना दिया।
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यूरोप और गरीब देशों की उपेक्षा, जब मानवाधिकारों के नारे फीके पड़ जाते हैं
Dec २३, २०२५ १३:००यूरोप ने यूक्रेन की मदद को गरीब अफ्रीकी देशों पर प्राथमिकता दे दी है।
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रूस समाचार/ अफ्रीकी मंत्री की मास्को की मदद की प्रशंसा से लेकर रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध तक
Dec ०२, २०२५ १३:०८पार्सटुडे: सेंट्रल अफ्रीका रिपब्लिक के रक्षा मंत्री ने अपने देश में हिंसा को समाप्त करने में रूस की भूमिका की सराहना की।
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अफ्रीका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट क्यों चाहता है?
Nov २७, २०२५ १२:०७पार्स टुडे - अफ्रीका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सीट की मांग की है।
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ड्रोन ने अफ़्रीक़ा में सशस्त्र संघर्षों को कैसे बदल दिया है?
Sep २९, २०२५ १२:५०पार्सटुडे: अफ़्रीक़ा में खूनी लड़ाइयों और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच, ड्रोन युद्ध के मैदान में एक नए खिलाड़ी बनकर उभरे हैं, एक ऐसी तकनीक जिसने न केवल शक्ति संतुलन को बिगाड़ा है, बल्कि क्षेत्रीय संघर्षों और गठबंधनों के रास्ते भी बदल दिए हैं।
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क्या अफ्रीकी देशों का अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से बाहर निकलना, वैश्विक न्यायिक भेदभाव की प्रतिक्रिया है?
Sep २५, २०२५ १३:०५पार्सटुडे: तीन अफ्रीकी देशों बुर्किना फासो, माली और नाइजर ने घोषणा की है कि वे अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की अपनी सदस्यता को समाप्त कर रहे हैं ।
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अफ़्रीक़ी जनता पर ज़ायोनी शासन के यमन और गज़ा के खिलाफ अत्याचारों का क्या प्रभाव पड़ा है?
Sep ०२, २०२५ १४:५०पार्स टुडे - यमन पर हमले और गज़ा में इज़राइली शासन के निरंतर अत्याचारों के जवाब में कुछ अफ़्रीक़ी देशों की जनता ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए।
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शांति समझौता या कांगो के संसाधनों की चोरी? अफ्रीका में अमेरिका की नई चाल पर एक नज़र
Jul ३१, २०२५ १४:५५पार्सटुडे - एक भारतीय विश्लेषक ने पर्दाफ़ाश किया है कि कांगो रिपब्लिक और रवांडा के बीच "शांति" समझौते पर हस्ताक्षर कराने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता का असली मक़सद वाशिंगटन द्वारा कांगो के खनिज संसाधनों को लूटना है।
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आर्थिक/ धीमे विकास के निशाने पर अमरीका, ईरान-अफ्रीका आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन में 50 अफ्रीकी अधिकारी शामिल हुए
Apr २४, २०२५ ०९:२९पार्सटुडे - अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वैश्विक आर्थिक विकास में मंदी की चेतावनी दी है, विशेष रूप से अमेरिका में, जिसका कारण देश के राष्ट्रपति द्वारा अनिवार्य टैरिफ़ लागू किया जाना है।