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रिपोर्टः दाइश को देखकर आपको क्या लगता है? इस्लाम को आतंकवाद सो जोड़कर देखने वालों, ज़रा आंखे खोलकर सच भी देखो!
Jan ०७, २०२४ १३:०५वैसे तो इस बात में कोई शक नहीं है कि हर धर्म में किसी न किसी एक वर्ग का कट्टरवाद और चरमपंथ की ओर झुकाव हो जाता है। यह केवल इस्लाम धर्म की बात नहीं है, बल्कि दुनिया के ज़्यादातर धर्मों में कुछ इसी तरह की स्थिति पाई जाती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आख़िर आतंकवाद का जन्म कैसे हुआ और इसको इस्लाम धर्म से ही जोड़कर क्यों दुनिया के सामने पेश किया जाने लगा? तो इसके बहुत सारे जवाब हैं जिन सबका यहां उल्लेख नहीं किया जा सकता है। लेकिन एक दो पहलुओं को हम बयान करने का प्रयास ज़रूर करेंगे।
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आख़िर इतनी नफ़रत लाते कहां से हैं? समाज में ज़हर घोलने वालों से रहें होशियार
Dec ०३, २०२३ १५:२७हमारे भारतीय समाज में धार्मिक सद्भावना की जड़ें इतनी गहरी हैं कि दुनिया भारत के इस सद्भावना पूर्ण इतिहास की मिसालें पेश करती है। भारत को "अनेकता में एकता" रखने वाले देश के रूप में जाना जाता है।
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बलात्कारियों का सत्कार करने वालों, मुसलमानों की हत्या करने वालों और जय श्री राम का नारा लगाकर मानवाता को शर्मसार करने वालों का किस आतंकी गुट से है संबंध? इन्हें कौन दे रहा है छूट?
Oct ०४, २०२३ १५:२६इस समय भारत में वैसा ही माहौल है कि जैसा दुनिया की साम्राज्यवादी शक्तियों ने बनाया है। एक ओर तो पूरी दुनिया के मुस्लिम देशों को युद्ध की आग में ढकेला गया और दूसरी ओर आतंकी संगठनों का गठन करके इन्हीं मुस्लिम देशों में रहने वाले मुसलमानों का जनसंहार कराया जा रहा है, वहीं इस्लाम के नाम को आतंकवाद से जोड़कर आम लोगों को इस्लाम से दूर करने की साज़िश भी रची जा रही है। इस समय भारत में भी भगवा आतंकवाद पूरे देश को खोखला करता जा रहा है, लेकिन घरों पर बिल्डोज़र से लेकर इन्काउंटर तक मुसलमानों का ही किया जा
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क्या भारत में नफ़रत फैलाने वालों का इलाज संभव है? सरदार पटेल के आदर्श समाज में ज़हर घोलने वालों का बंद कर सकते हैं हुक्का-पानी!
Sep ३०, २०२३ १२:५६पिछले कुछ महीनों में देश में कई ऐसी घिनौनी घटनाएं हुई हैं जिनसे यह पता चलता है कि हमारे समाज में नफ़रत का ज़हर किस हद तक घुल चुका है और यह भी कि यह नफ़रत दिन-दोगुनी रात-चौगुनी गति से बढ़ती जा रही है।
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गुजरात जालसाज़ों का बना अड्डा, हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों ने लाखों की संख्या में बनाए फ़र्ज़ी आधार और पैन कार्ड
Sep ०५, २०२३ १५:४६गुजरात के सूरत शहर में एक वेबसाइट का उपयोग करके आधार और पैन कार्ड के साथ-साथ मतदाता पहचान पत्र जैसे जाली दस्तावेज़ बनाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।
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भारत में शिक्षा के मंदिरों को अपवित्र करता सांप्रदायिकता का ज़हर!
Sep ०४, २०२३ १५:१४भारत के कर्नाटक राज्य के शिवमोगा ज़िले के एक सरकारी स्कूल की शिक्षक द्वारा कक्षा 5 में पढ़ रहे दो मुस्लिम छात्रों को कथित तौर पर ‘पाकिस्तान चले जाने’ की बात कहने का मामला सामने आया है।
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भारत में क्यों बढ़ रही है भड़काऊ बयान देने वालों की लगातार संख्या? हेट स्पीच और हेट क्राइम के बढ़ते मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी चिंतित
Aug २०, २०२३ १२:३६भारत में "हेट स्पीच" और "हेट क्राइम" के बढ़ते मामलों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी चिंता प्रकट करते हुए कहा है कि हेट स्पीच के दोषियों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही होनी चाहिए। अब सवाल यहां यह पैदा होता है कि आख़िर देश की सर्वोच्च अदालत के बार-बार आदेश दिए जाने के बाद भी वे कौन हैं जो भड़काऊ बयान देने वालों के ख़िलाफ़ कार्यवाही न केवल कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं बल्कि उनको सम्मानित भी किया जा रहा है।
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जनरल क़ासिम सुलेमानी की ट्रम्प ने क्यों कराई थी हत्या? एक ऐसी वजह जो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री मोदी को एक जैसा बनाती है!
Aug ०६, २०२३ १५:५०हाल में ही एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प कोई चमत्कारी नेता नहीं थे जैसा अक्सर कहा जाता है, बल्कि वे एक ऐसे नेता हैं कि जिन्होंने नस्ली-भेदभाव, रंगभेद और नफ़रती राजनीति को बढ़ावा दिया है।
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भारत की पहचान बनता बिल्डोज़र, ऑन द स्पाट फ़ैसला करती सरकारें, नई प्रथा ने संविधान की उठाई अर्थी! जल्द लगेंगे अदालतों पर ताले!
Aug ०६, २०२३ १३:५४भारत में वह दिन दूर नहीं है कि जब इस देश की अदालतों और न्यायपालिकाओं पर ताले लगे होंगे। क्योंकि जिस तेज़ी से अदालतों और जजों की जगह बिल्डोज़र ले रहा है उससे तो ऐसा ही महसूस होने लगा है। सत्ता में बैठे लोग ऑन द स्पाट फ़ैसले कर रहे हैं। ऐसा दिखने लगा है कि इस देश का संविधान और क़ानून सत्ताधारियों की उंगलियों के इशारों पर नाच रहा है। अब तो ऐसा लगने लगा है कि बिल्डोज़र, ही भारत में किसी भी जुर्म की सज़ा के तौर पर परिवर्तित हो गया है, बस शर्त यह है कि आरोपी मुसलमान या फिर सत्ताधारी पार्टी का विरोधी ह
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इंडिया को हराने के लिए दंगे कराने ज़रूरी, क्या इस सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं भगवा आतंकी?
Aug ०१, २०२३ ११:५१भारत एक महादेश है। यह अपने अंदर पूर्वोत्तर से लेकर सुदूर दक्षिण तक भौगोलिक, भाषाई, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्तर पर स्थानीय अस्मिता की भावनाएं समेटे है। पिछले कुछ वर्षों से भारत के संघीय ढांचे पर लगातार हमला हो रहा है। धर्म, भाषा और संस्कृति के आधार पर राज्य प्रायोजित विभाजन और हमले किए जा रहे हैं। मणिपुर, भारत के संघीय ढांचे पर हो रहे हमले का पहला पीड़ित है। वहीं यह आग अब हरियाणा तक पहुंच चुकी है और 2024 के चुनाव आते-आते पूरे देश को अपनी लपटों में समेट लेगी।