इस्राईल के नए प्रधान मंत्री नफ़्ताली बेनेत कौन हैं?
रविवार की शाम इस्राईली संसद क्नेसेट ने नए प्रधान मंत्री नफ़्ताली बेनेट के नाम पर मोहर लगा दी, जिससे पिछले 12 साल से सत्ता पर नेतनयाहू की पकड़ समाप्त हो गई।
यहां सवाल यह है कि बेनेट कौन हैं और उनकी राजनीतिक विचारधारा किया है?
इस्राईल के नए प्रधान मंत्री नेतनयाहू के सहायक रह चुके हैं और एक ऐसा वक़्त था, जब उन्हें पूर्व ज़ायोनी प्रधान मंत्री का दायां हाथ माना जाता था।
अमरीकी माता-पिता से जन्मे 49 वर्षीय बेनेत, एक पूर्व तकनीकी उद्यमी हैं, जिन्होंने दक्षिणपंथी ज़ायोनी-राष्ट्रवादी राजनीति में उतरने से पहले करोड़ों डॉलर कमाए थे।
उनके धार्मिक और राजनीतिक विचारों के कारण इस्राईल में उन्हें अति-राष्ट्रवादी या अल्ट्रा ज़ायोनी क़रार दिया जाता है। यामिना पार्टी के प्रमुख बेनेत ने इस साल फ़रवरी में द टाइम्स ऑफ़ इस्राईल से बात करते हुए कहा थाः मैं बीबी (नेतनयाहू) की तुलना में अधिक दक्षिणपंथी हूं, लेकिन मैं उनकी तरह राजनीतिक रूप से ख़ुद को आगे बढ़ाने के लिए नफ़रत या ध्रुवीकरण का सहारा नहीं लूंगा।
रविवार को प्रधान मंत्री पद संभालने के बाद भी उन्होंने दावा किया वह ध्रुवीकरण शासन शैली को समाप्त करना चाहते हैं, जो नेतन्याहू के शासन की पहचान बन चुक थी।
ग़ौरतलब है कि विरोधाभासी विचारधाराएं रखने वाले 8 पार्टियो के गठबंधन का नेतृत्व करने वाले बेनेत ने हाल ही में अवैध अधिकृत वेस्ट बैंक का इस्राईल में विलय करने की मांग की थी। उनके राजनीतिक विचारों पर नज़र रखने वालों का कहना है कि 2013 में इस्राईल के राजनीतिक परिदृश्य में आने के बाद से उन्होंने स्पष्ट रूप से अपना यह रुख़ पेश किया था।
बेनेत ने 2006 से 2008 के बीच, नेतनयाहू के एक वरिष्ठ सहयोगी के रूप में काम किया। लेकिन पूर्व प्रधान मंत्री के साथ संबंधों में खटास आने के बाद उन्होंने लिकुड पार्टी छोड़ दी।
राजनीति में प्रवेश करने के बाद, बेनेत दक्षिणपंथी राष्ट्रीय धार्मिक यहूदी होम पार्टी से जुड़ गए और 2013 में उन्होंने इसके प्रतिनिधि के रूप में संसद में प्रवेश किया।
बेनेत फ़िलिस्तीनी सरज़मीन पर एक यहूदी राष्ट्र के अवैध निर्माण के मज़बूत अधिवक्ता रहे हैं। उन्हें अवैध अधिकृत वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गोलान हाइट्स पर कट्टरपंथी ज़ायोनी विचारधारा का समर्थन करने के लिए जाना जाता है, जिन पर ज़ायोनी शासन ने 1967 के 6 दिवसीय युद्ध के बाद क़ब्ज़ा किया था और विश्व समुदाय इन इलाक़ों पर इस्राईल के क़ब्ज़े को अवैध मानता है।
बेनेत के प्रधान मंत्री बनने का मतलब, उन फ़िलिस्तीनियों के लिए एक झटका हो सकता है, जो सशस्त्र संघर्ष या प्रतिरोध के बजाए, ज़ायोनी शासन के साथ सांठगांठ या शांति की उम्मीद करते हैं। msm