तुर्क राष्ट्रपति अर्दोग़ान पर क्यों बिफर गए तालेबान समर्थक
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान पर पाकिस्तान के भीतर तालेबान समर्थक बुरी तरह नाराज़ हो गए हैं।
सोमवार को अर्दोग़ान ने कह दिया कि तालेबान को अपने भाइयों की भूमियों पर क़ब्ज़ा ख़त्म करना चाहिए और दुनिया को यह बताने की ज़रूरत है कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापित है।
अर्दोग़ान ने तालेबान की ओर से तुर्क सैनिकों को काबुल हवाई अड्डा न छोड़ने की स्थिति में ख़मियाज़ा भुगतने की धमकी पर प्रतिक्रिया जताते हुए यह बात कही थी।
अर्दोग़ान ने यह भी कहा था कि तालेबान का रवैया वैसा नहीं है जो मुसलमानों का एक दूसरे के साथ होना चाहिए।
तालेबान ने चेतावनी दी थी कि काबुल हवाई अड्डे के संचालन के लिए अफ़ग़ानिस्तान में तुर्क सैनिक न रखे जाएं वरना उन्हें इसके ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है।
अर्दोग़ान के बयान के बाद पाकिस्तान में सोशल मीडिया यूज़र्स ने कहा कि अर्दोग़ान अब अफ़ग़ानिस्तान के अंदरूनी मामलों में टांग न अड़ाएं।
अहमद अली क़ाज़ी नाम के व्यक्ति ने लिखा कि अशरफ़ ग़नी और अफ़गान तालेबान दोनों ही अफ़ग़ान हैं क़ब्ज़ा अमरीका और नैटो का था, अर्दोग़ान की ओर से इस प्रकार का बयान यक़ीनन उनकी लोकप्रियता का ग्राफ़ गिरा देगा।
मुहम्मद ख़ालिद नाम के यूज़र ने लिखा कि तुर्कों के साथ हमारे दोस्ताना रिश्ते हमेशा बने रहेंगे लेकिन अगर अर्दोग़ान ने तालेबान के ख़िलाफ़ कोई बड़ी या छोटी कार्यवाही की तो अर्दोग़ान हमारे दिलों से उतर जाएंगे और हम यह नहीं चाहते।
मोहसिन अली सैफ़ ने लिखा कि जनाब तैयब अर्दोग़ान अरतुग़रुल बनने चले थे लेकिन मंगोलों के नोयान बन गए।
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