ग़ज्ज़ा में अंजीर और अंगूर की फ़सल
ग़ज्ज़ा पट्टी के फ़िलिस्तीनियों के लिए गर्मियों को मौसम के फलों में अंजीर और अंगूर की ख़ास अहमियत है। फ़िलिस्तीनी किसान हज़ारों हेक्टेयर ज़मीन में अंजीर और अंगूर की फ़सल उगाते हैं। सिर्फ़ ग़ज्ज़ा में हर साल एक लाख टन अंजीर का उत्पादन होता है और अंगूर का उत्पादन 170,000 टन तक पहुंच जाता है। इसीलिए हम अंगूर और अंजीर के बाग़ों में गए और हमने किसानों से बातचीत की।
हम अंगूर की खेती करते हैं और उसके उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर निवेश करते हैं। अंगूर के साथ अंजीर पर भी निवेश करते हैं। जो कुछ ग़ज्ज़ा पट्टी में पैदा होता है, उसकी इसी इलाक़े में खपत हो जाती है।
शायद 20 साल से भी ज़्यादा से मैं इस इलाक़े में खेती और बाग़बानी कर रहा हूं, जब मैं छोटा था तो अपने बाप और दादा के साथ बाग़ में आता था। पहले इन बाग़ों और खेतों में घरों का निर्माण किया जाता था और लोग अपने बच्चों की शादियां करते थे, लेकिन लोग अब अपने बच्चों की शादियां करवाने के लिए अपनी ज़मीनें बेचने के लिए मजबूर हैं।
ग़ज्ज़ा पट्टी में पैदा होने वाले अंगूर और अंजीर की गुणवत्ता बहुत उमदा होती है, किसान और बाग़बान नई तकनीकों के सहारे बेहतरीन फ़सल उगाते हैं, लेकिन ज़ायोनी शासन हमेशा फ़िलिस्तीनी किसानों के लिए समस्याएं उत्पन्न करता है, और इन उत्पदों को ग़ज्ज़ा पट्टी से निर्यात नहीं होने देता है। इस तरह से वह फ़िलिस्तीनी किसानों और बाग़बानों को अधिक आय की प्राप्ति से वंचित करता है।
फ़सलों और फलों के उत्पदान में कमी के कई कारण हैं, इनमें से एक महत्वपूर्ण कारण जलवायु परिवर्तन है, और यह समस्या आज दुनिया के सभी देशों के सामने है, ख़ास तौर पर ग़ज़्ज़ा पट्टी में इसका कृषि उत्पादों पर नकारात्मक असर पड़ा है। इस दौरान, अंजीर और अंगूर के उत्पादन में भी कमी आई है।
फ़िलिस्तीनी किसान और बाग़बानों का कहना है कि वे अपनी ज़मीनों में डटे रहेंगे, क्योंकि यह जम़ीन उन्हें और हज़ारों अन्य लोगों को रोज़ी रोटी देती है, अगर इस्राईल के क़ब्ज़े से मुक्ति मिलेगी तो निर्यात भी खुलेगा।
इब्राहीम अहमद आईआरआईबी, ग़ज्ज़ा, फ़िलिस्तीन