ज़ायोनी शासन के राष्ट्रपति की यूएई यात्रा का लक्ष्यः रिपोर्ट
ज़ायोनी शासन के राष्ट्रपति इसाक हरज़ोग रविवार को यूएई पहुंचे। हवाई अड्डे पर यूएई के विदेश मंत्री अब्दुल्लाह बिन ज़ाएद आले नहयान ने इसाक हरज़ोग का स्वागत किया।
इस्राईल के राष्ट्रपति की यह पहली संयुक्त अरब इमारात की यात्रा है। यूएई की यात्रा से पहले इसाक हरज़ोग ने बताया था कि वे अबूधाबी के युवराज मुहम्मद बिन ज़ाएद के आधिकारिक निमंत्रण पर वे वहां जा रहे हैं। इसाक की यह यात्रा, ज़ायोनी शासन और यूएई के संबन्धों के सामान्य बनाने की कड़ी का अगला भाग है।
संयुक्त अरब इमारात ने सितंबर 2020 को अवैध ज़ायोनी शासन के साथ अपने संबन्ध सामान्य किये थे। दोनो पक्षों के बीच संबन्धों को सामान्य करने के समझौते पर वाहट हाउस में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उपस्थिति में हस्ताक्षर हुए थे। हस्ताक्षर के बाद अबूधाबी और तेलअवीव में दूतावास खोले गए तथा कूटनयिक भेंटवारताएं तेज़ी से बढ़ीं।
विशेष बात यह है कि इस्राईल की ओर से मुलाक़ातों का सिलसिला अधिक भी रहा और उसका स्तर पर काफ़ी ऊंचा था। इसाक हरज़ोग की इस यात्रा के साथ ज़ायोनी शासन के मुख्य सारे ही अधिकारियों ने यूएई के अधिकारियों के साथ भेंटवार्ताएं कर चुके हैं। इससे पहले इस्राईल के प्रधानमंत्री और विदेशमंत्री सहित वहां के कई अधिकारी संयुक्त अरब इमारात की यात्रा पर आ चुके हैं।
इन यात्राओं से ज़ायोनी शासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि यूएई के साथ संबन्धों को दूसरे अरब देशों के लिए एक आदर्श के रूप में पेश करे। इसाक हरज़ोग की यह यात्रा एसी स्थति में हो रही है कि जब यूएई और यमनियों के बीच हालिया दिनों में झड़पें तेज़ हुई हैं।
यमन युद्ध में संयुक्त अरब इमारात के हस्तक्षेप के बाद यमनियों ने दो चरणों में अबूधाबी और दुबई को अपने मिसाइल और ड्रोन के हमलों का लक्ष्य बनाया। इन हमलों के बाद इस्राईल के प्रधानमंत्री ने टेलिफोन करके यूएई के क्राउन प्रिंस को तेलअवीव के समर्थन का आशवासन दिया था। एसे में वहां के राष्ट्रपति की इस यात्रा में यही बात फिर दोइराई जाएगी।
दूसरी बात यह है कि इसाक हरज़ोग की यूएई की यात्रा से पहले से फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध ज़ायोनी शासन हमलों में तेज़ी आई है। यही कारण है कि इस संबन्ध में फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधी संगठन हमास ने कहा है कि ज़ायोनी शासन के राष्ट्रपति की यूएई यात्रा, फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध इस शासन के अत्याचारों में अधिक वृद्धि का कारण बनेगी।
एक अन्य बात यह है कि यह यात्रा एसे समय में की जा रही है कि जब वियना में ईरान तथा गुट चार धन एक के बीच वार्ता के सकारात्मक संकेत सामने आने लगे हैं। ज़ायोनी शासन आरंभ से परमाणु समझौते जेसीपीओए का विरोधी रहा है। इस यात्रा में निश्चिम रूप से वियना वार्ता के मुद्दे पर विचार-विमर्श हो सकता है किंतु इसका, वियना वार्ता पर कोई प्रभाव होने वाला नहीं है।
इसका कारण यह है कि इस्राईल के प्रधानमंत्री ने भी अपनी यूएई की यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की थी किंतु उसका कोई भी असर वियना वार्ता पर नहीं हुआ। अन्तिम बिंदु यह है कि यूएई की यात्रा के दौरान इस्राईल के राष्ट्रपति का विमान, सऊदी अरब की वायुसीमा से गुज़रा। इस संबन्ध में जो तस्वीरे जारी की गई हैं उनके अनुसार इसाक हरज़ोग ने आशा व्यक्त की है कि जल्द ही सऊदी अरब के साथ इस्राईल के संबन्ध सामान्य होंगे और दोनो पक्षों को इनको सार्वजनिक करने के लिए प्रयास करने चाहिए।
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