क्या तुर्की भी चल निकला यूएई के रास्ते पर?
इस्राईल के एक अधिकारी ने तुर्की की गोपनीय यात्रा की है जिसमें महत्वपूर्ण वार्ता की गई है।
इस्राईली समाचारपत्र यदीऊत आहारूनूत ने वहां के एक अधिकारी की गोपनीय तुर्की यात्रा की सूचना दी है।
इस समाचारपत्र ने अपने गुरूवार के संस्करण में लिखा है कि ज़ायोनी शासन के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी एलन उशबेस ने पिछले महीने तुर्की की गोपनीय यात्रा की थी जहां पर उसने रजब तैयब अर्दोग़ान के वरिष्ठ सलाहकार के साथ भेंटवार्ता की थी। यह बातचीत काफी लंबी रही।
यदीऊत आहारूनूत के अनुसार इस गोपनीय यात्रा का उद्देश्य ज़ायोनी शासन के राष्ट्रपति की तुर्की यात्रा की भूमिका प्रशस्त करना था। हालांकि तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान यह कह चुके हैं कि ज़ायोनी राष्ट्रपति इस्हाक़ हर्तज़ोक मार्च के माध्य में तुर्की पर यात्रा पर आने वाले हैं। वर्षों बाद ज़ायोनी शासन के किसी राष्ट्रपति की यह पहली तुर्की यात्रा होगी। इस्राईली टीवी पर तुर्की के राष्ट्रपति का यह बयान प्रसारित हो चुका है।
विशेष बात यह है कि तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान की ओर से ज़ायोनी राष्ट्रपति की तुर्की यात्रा के बारे में उस समय कहा जा रहा है कि जब तुर्की के अधिकारी बारंबार यह कहते आए हैं कि वे इस्राईल के अत्याचारों के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनियों का समर्थन करते रहेंगे।
साक्ष्य इस बात के सूचक हैं कि तुर्की और इस्राईल के संबन्ध कभी भी वास्तविक तनाव की चपेट में नहीं आए हैं। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष कभी भी इस्राईल के साथ सांठगांठ की प्रक्रिया से दूर नहीं रहें है जो यह कहा जाए कि वे फिर से संबन्ध बनाना चाहते हैं।
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