मंहगाई जल्द ही ख़त्म होने वाली है, अर्दोग़ान का दावा
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तुर्की के राष्ट्रपति ने इस देश की जनता को आश्वासन दिया है कि मंहगाई जैसी मुश्किल अब नहीं रहेगी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १७, २०२२ १८:५५ Asia/Kolkata
  • मंहगाई जल्द ही ख़त्म होने वाली है, अर्दोग़ान का दावा

तुर्की के राष्ट्रपति ने इस देश की जनता को आश्वासन दिया है कि मंहगाई जैसी मुश्किल अब नहीं रहेगी।

अनातोली समाचार एजेन्सी के अनुसार रजब तैयब अर्दोग़ान का कहना है कि तुर्की की जनता को जल्द की मंहगाई जैसी समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।

तुर्की के राष्ट्रपति ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा है कि देश की जनता को बहुत ही जल्दी उन समस्याओं से मुक्ति मिल जाएगी जिनमें वह इस समय ग्रस्त है।  उन्होंने दावा किया कि ब्याज दर से संबन्धित परेशानी किसी हद तक कम हो चुकी है।  यही कारण है कि अब विनिमय दर में स्थिरता दिखाई दे रही है।

तुर्की के राष्ट्रपति ने अपन देश की जनता को मंहगाई कम करने के बारे में आश्वासन एसी स्थिति में दिया है कि जब वहां पर मंहगाई को लेकर बहुत से नगरों में विरोध प्रदर्शनों का क्रम जारी है।  तुर्की के अधिकांश संचार माध्यमों में भी इसी मुद्दे को उठाया जा रहा है तथा समाचारपत्रों की पहली सुर्खी मंहगाई को लेकर ही होती है।

राजनीतिक टीकाकारों का कहना है कि इस समय तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान बहुत बुरे हालात से गुज़र रहे हैं।  वहां की राष्ट्रीय मुद्रा लीरा की क़ीमत हर रोज़ गिर रही है, मंहगाई लगातार बढ़ती जा रही है और बेरोज़गारों की संख्या में वृद्धि हो रही है जिसके परिणाम स्वरूप तुर्की की जनता के पास दैनिक जीवन व्यतीत करने के लिए पैसों की कमी है।

इधर जाड़े के मौसम में कड़ाके की सर्दी में बिजली की क़ीमतों में वृद्धि से जनता इतनी अधिक परेशान हो गई है कि लोग, प्रदर्शनों में यह नारे लगाने लगे हैं कि "अर्दोग़ान इस्तीफा दो"। इस बातों के कारण अर्दोग़ान की लोकप्रियता में बहुत कमी आ गई है।

ज्ञात रहे कि इससे पहले तुर्की के राष्ट्रपति दावा कर चुके हैं कि उनके देश की अर्थव्यवस्था, प्रगति की ओर अग्रसर है।  रजब तैयब अर्दोग़ान ने नववर्ष के संदेश में वचन दिया था कि उन्होंने अर्थव्यवस्था को लेकर जो लक्ष्य निर्धारित किया है उसके कारण तुर्की, जल्द ही दुनिया की दस बड़ी अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन जाएगा।

अर्दोग़ान का कहना था कि लंबे समय से तुर्की की अर्थव्यवस्था को लक्ष्य बनाया जा रहा है।  यही वजह है कि तुर्की की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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