ईरान ही हमारा सबसे भरोसेमंद समर्थकः जेहादे इस्लामी
फ़िलिस्तीनियों का कहना है कि ईरान ही हमारा सबसे भरोसेमंद साथी और समर्थक है।
फ़िलिस्तीन के जेहादे इस्लामी संगठन के वरिष्ठ सदस्य ने यह बात पत्रकारों से कही है। "अहमद अल मुदल्ल" ने बुधवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि फ़िलिस्तीनियों का सबसे भरोसेमंद समर्थक इस्लामी गणतंत्र ईरान है। उन्होंने कहा कि वह फ़िलिस्तीनियों के प्रतिरोध का भी समर्थन करता है।
जेहादे इस्लामी के सदस्य ने यह भी कहा कि ईरान इस बात का प्रयास करता रहता है कि इस्लामी राष्ट्र अपने संयुक्त शत्रु अर्थात अवैध ज़ायोनी शासन की चालोंं को समझते हुए उससे दूरी बनाए। उनका कहना था कि अवैध ज़ायोनी शासन को मान्यता देने से यह शासन फ़िलिस्तीनियों की भूमियों पर अधिक से अधिक नियंत्रण करने के प्रयास करेगा जिससे फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों का हनन होगा।
अहमद के अनुसार अवैध ज़ायोनी शासन के साथ संबन्ध सामान्य करना, फ़िलिस्तीन मुद्दे में ज़हर से बुझे हुए ख़ंजर घोंपने जैसा है। यह काम किसी भी स्थति में इस्लामी जगत और फ़िलिस्तीनियों के हित में नहीं है।
उन्होंने बताया कि अमरीकी राष्ट्रपति की मध्यपूर्व की यात्रा फ़िलिस्तीनियों के लिए शुभ नहीं है क्योंकि फ़िलिस्तीन मुद्दे को सदा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से वे अवैध ज़ायोनी शासन तथा कुछ अरब शासनों के बीच एक नया गठबंधन बनाने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस्लामी जगत को इस प्रकार के प्रयासों को रोकने के लिए मैदान में आना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि अमरीकी दबाव के कारण यूएई, बहरैन, सूडान और मोरक्को ने अवैध ज़ायोनी शासन के साथ अपने कूटनैतिक संबन्ध सामान्य कर लिए। हालांकि इसपर इस्लामी जगत में रोष पाया जाता है किंतु फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध ज़ायोनी शासन के हर प्रकार के अत्याचारों को अनदेखा करते हुए यह चारों देश इस अवैध शासन से अपनी दोस्ती बनाए हुए हैं।
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