अमरीकी राष्ट्रपति का अपमान क्यों करना चाहते हैं सऊदी क्राउन प्रिंस
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i118088-अमरीकी_राष्ट्रपति_का_अपमान_क्यों_करना_चाहते_हैं_सऊदी_क्राउन_प्रिंस
अमरीकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधान मंत्री मोहम्मद बिन सलमान, एक तरफ़ अमरीका और उसके सहयोगियों और दूसरी तरफ़ चीन और रूस और उनके सहयोगियों के बीच वैश्विक शक्ति खेल के हिस्से के रूप में अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन को अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct ३१, २०२२ १६:०७ Asia/Kolkata
  • अमरीकी राष्ट्रपति का अपमान क्यों करना चाहते हैं सऊदी क्राउन प्रिंस

अमरीकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधान मंत्री मोहम्मद बिन सलमान, एक तरफ़ अमरीका और उसके सहयोगियों और दूसरी तरफ़ चीन और रूस और उनके सहयोगियों के बीच वैश्विक शक्ति खेल के हिस्से के रूप में अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन को अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं।

बिज़नेस इनसाइडर द्वारा शुक्रवार को प्रकाशित रिपोर्ट में एक विशेषज्ञ के हवाले से दावा किया गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस जानबूझकर स्वतंत्र रास्ते पर चलने के लिए, बाइडन प्रशासन को नज़र अंदाज़ कर रहे हैं।

अमरीका और सऊदी अरब दशकों से घनिष्ठ सहयोगी रहे हैं और वाशिंगटन, इस अरब देश को अरबों डॉलर के हथियार बेचता रहा है, बदले में रियाज़, मध्यपूर्व में वाशिगटन के हितों की रक्षा करता रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक़, सऊदी अरब बिन सलमान के नेतृत्व में, अमरीका के दबाव और निंयत्रण से निकलने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा है।

रियाज़ का नेतृत्व वाशिंगटन को कई संकेत भेज चुका है कि सऊदी अरब अब अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखेगा, जिसमें बीजिंग और मॉस्को के साथ सहयोग को मज़बूत करना शामिल है।

अमरीका और यूरोपीय देशों के विरोध के बावजूद, तेल-निर्यातक देशों के गठबंधन ओपेक प्लस ने इस महीने की शुरुआत में उत्पादन में कटौती की घोषणा की थी। इस समूह ने प्रतिदिन 2 मिलियन बैरल तेल के उत्पादन में कटौती पर सहमति जताई थी। इस समूह में रूस भी शामिल है।

सऊदी अरब के दबदबे वाले इस समूह का यह क़दम, बाइडन प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका था। हालांकि दोनों देशों के रिश्तों में तनाव के बावजूद, बाइडन ने जुलाई में तेल समृद्ध सऊदी अरब का दौरा किया था और रिश्तों में आने वाली खटास को दूर करने का प्रयास किया था।

ओपेक प्लट द्वारा तेल में कटौती के फ़ैसले के बाद, अमरीकी अधिकारियों ने द न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा था कि राष्ट्रपति बाइडन के सऊदी अरब के दौरे के बाद उन्हें लगा था कि दोनों देशों के बीच रिश्ते एक बार फिर पटरी पर आ गए हैं, लेकिन इस झटके ने उन्हें हिलाकर रख दिया है। msm