सऊदी अरब में कई नागरिकों को मृत्युदंड
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सऊदी अरब की जेल में बंद इस देश के 5 नागरिकों को मौत की सज़ा सुनाई गयी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec १०, २०२२ ०९:३३ Asia/Kolkata

सऊदी अरब की जेल में बंद इस देश के 5 नागरिकों को मौत की सज़ा सुनाई गयी है।

समाचार एजेन्सी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार एक सूत्र ने अपना नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर बताया है कि गिरफ्तार किये गये 5 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गयी है। जिन लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गयी है उनमें मोहम्मद अली अश्शेक़ाक़, मंसूर सुमैर अलहाएक, मरज़ूक मोहम्मद ज़ैफ आले फज़्ल और राद मोहम्मद ज़ैफ आले फज़्ल शामिल हैं।

यह ऐसी स्थिति में है जब सऊदी अधिकारियों ने अली रज़ी मंसूर अलहायेकी की सज़ा में 27 साल की वृद्धि कर दी है। गिरफ्तार होने वाले पांचों व्यक्ति अब तक सात साल जेल की सज़ा काट चुके हैं।

सऊदी- यूरोपीय मानवाधिकार संगठन ने अभी हाल ही में बल देकर कहा है कि सऊदी अरब ने पिछले 10 वर्षों के दौरान मौत की सज़ा देने वालों का रिकार्ट बना दिया है। यह ऐसी स्थिति में है जब सऊदी अरब वर्ष 2013 से इस साल अक्तूबर के महीने तक 1100 लोगों को मृत्युदंड दे चुका है और उनमें से 990 से अधिक लोगों को उस समय मृत्युदंड दिया गया जब मलिक सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ सऊदी अरब के शासक थे।

सऊदी- यूरोपीय मानवाधिकार संगठन ने कहा है कि जिन लोगों को मृत्यदंड दिया गया है उनकी फाइलें गोपनीय थीं और सही तरह से यह ज्ञात नहीं है कि जिन लोगों को मृत्युदंड दिया गया है उनकी वास्तविक संख्या कितनी है।

सऊदी अरब में लोगों के दमन में वृद्धि, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, हर प्रकार की सामाजिक गतिविधियां करने पर प्रतिबंध और सऊदी अरब में भय व आतंक का वातावरण व्याप्त होने की वजह से गोपनीय जानकारियां हासिल करना बहुत कठिन हो गया है।

सऊदी- यूरोपीय मानवाधिकार संगठन ने एलान किया है कि सऊदी अरब में जिन लोगों पर मुकद्दमा चलाया जाता है उसमें वे शर्तें नहीं होती हैं जो न्यायपूर्ण ढंग से चलाये जाने वाले मुकद्दमे में होनी चाहिये और जेल में बंद क़ैदियों को यातनायें दी जाती और उन्हें विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित किया जाता है।

रोचक बात यह है कि आले सऊद की तानाशाही सरकार में जहां मौत की सज़ा दिये जाने वाले व्यक्तियों की संख्या में वृद्धि हो गयी है वहीं यह सरकार अब बहुत से शवों को उनके परिजनों के हवाले नहीं करती है। सऊदी-यूरोपीय मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 132 परिवार वाले अपने परिजनों को दफ्न करने से वंचित रह गये। जिन लोगों के शवों को सऊदी अरब की तानाशाही सरकार उनके परिजनों के हवाले नहीं करती है उनमें उन लोगों के शव भी शामिल हैं जिनकी उम्र कानूनी उम्र से कम होती है।

सऊदी अरब जारी वर्ष के आरंभ से अब तक 121 लोगों को मृत्युदंड दे चुका है। इस प्रकार से 81 लोगों को सामूहिक रूप से मौत की सज़ा दी थी जो सऊदी अरब में सामूहिक रूप से दिया जाने वाला सबसे बड़ा मृत्युदंड था। जिन 81 लोगों को सामूहिक रूप से मृत्युदंड दिया गया था उनमें से 41 शीया मुसलमान और शेष ग़ैर शिया और सऊदी अरब के पूर्व के रहने वाले नागरिक थे। MM

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