इस्लामी प्रतिरोधी आंदोलन हमास की स्थापना को 35 साल हो गए
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फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोधी आंदोलन हमास की स्थापना को 35 साल हो गए हैं। इस इस्लामी आंदोलन की स्थापना 14 दिसम्बर 1987 को हुई थी। इसकी स्थापना शेख़ अहमद यासीन और मुस्लिम ब्रदरहुड के कई नेताओं ने ग़ज्ज़ा पट्टी में की थी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec १७, २०२२ १०:२४ Asia/Kolkata
  • इस्लामी प्रतिरोधी आंदोलन हमास की स्थापना को 35 साल हो गए

फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोधी आंदोलन हमास की स्थापना को 35 साल हो गए हैं। इस इस्लामी आंदोलन की स्थापना 14 दिसम्बर 1987 को हुई थी। इसकी स्थापना शेख़ अहमद यासीन और मुस्लिम ब्रदरहुड के कई नेताओं ने ग़ज्ज़ा पट्टी में की थी।

हमासे फ़िलिस्तीन के उन गुटों में से एक है, जिन्होंने अपनी स्थापना के बाद, इस देश के और क्षेत्रीय घटनाक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमास संगठन प्रतिरोध और राजनीतिक मामलों में सहयोग पर विश्वास रखता है। यह आंदोलन आज ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध का नेतृत्व कर रहा है। यही वजह है कि यह हमेशा ही ज़ायोनी शासन और उसके पश्चिमी सहयोगियों के निशाने पर रहता है।

फ़िलिस्तीनी और क्षेत्रीय प्रतिरोध पर प्रभाव के कारण ही इस आंदोलन को अमरीका और उसके सहयोगियों ने आतंकवादी गुटों की सूचि में शामिल किया है। जबकि हमास, ज़ायोनी सरकारी आतंकवाद के प्रभावितों में से एक है और उसके कई नेताओं को ज़ायोनी शासन ने शहीद किया है। हमास को आतंकवादी गुट बताने का कारण भी यही है, ताकि इस बहाने से उसे कमज़ोर कर दिया जाए और अत्याचारों के लिए इस्राईल का रास्ता पूरी तरह से साफ़ कर दिया जाए।

इसके अलावा, ख़ुद अरब देश हमास को लेकर एकमत नहीं हैं। सऊदी अरब और यूएई का हमास से कोई संबंध नहीं है, बल्कि इन देशों ने हमास से टकराव की रणनीति अपनाई है। क़तर के हमास के साथ अच्छे संबंध हैं और दोहा हमास का खुलकर समर्थन करता है। इसका एक मुख्य कारण, हमास की विचारधारा का मुस्लिम ब्रदरहुड की विचारधारा से निकट होना है। दूसरी ओर सऊदी अरब और उसके सहयोगी यूएई इसलिए हमास का विरोध करते हैं, क्योंकि ईरान के नेतृत्व में इस्लामी प्रतिरोध इस्राईल के साथ हर प्रकार की सांठगांठ का विरोध करता है, जबकि यह देश इस्राईल के साथ सांठगांठ में विश्वास रखते हैं। यही वजह है कि हालिया वर्षों में सऊदी अरब में हमास के कई नेताओं को गिरफ़्तार किया गया है या उन्हें देश से निकाल दिया गया है।

हमास के नेता इस्माईल हनिया ने इस संगठन की स्थापनी की 35वीं वर्षगांठ पर कहा है कि हमास ने प्रतिरोध और राजनीति के बीत संबंध स्थापित किया है, इसीलिए जब हम चुनाव में जीत हासिल करते हैं तो सरकार का गठन करते हैं, जबकि प्रतिरोध को भी जारी रखते हैं। ग़ज्ज़ा पट्टी में हमास सरकार के नेतृत्व में प्रतिरोध दिन प्रतिदिन फल फूल रहा है। msm