सऊदी अरब में आधुनिक ग़ुलामी और दुनिया परेशान
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अंग्रेज़ी अखबार द टाइम्स ने एक रिपोर्ट में लिखा है कि अंतर्राष्ट्रीय और मानवाधिकार संगठनों की चेतावनियों के बावजूद सऊदी अरब में आधुनिक ग़ुलामी फैल गई है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec २९, २०२२ १०:२२ Asia/Kolkata

अंग्रेज़ी अखबार द टाइम्स ने एक रिपोर्ट में लिखा है कि अंतर्राष्ट्रीय और मानवाधिकार संगठनों की चेतावनियों के बावजूद सऊदी अरब में आधुनिक ग़ुलामी फैल गई है।

सऊदी अरब की आबादी लगभग 36 मिलियन है, जिनमें से लगभग 10 मिलियन विदेशी श्रमिक हैं। ये श्रमिक पूर्वी एशिया, पाकिस्तान और अफ़्रीक़ी देशों से सऊदी अरब में दाख़िल हुए हैं।

सऊदी अरब का विदेशी कामगारों के प्रति दृष्टिकोण तिरस्कारपूर्ण है। हालांकि 1964 से सऊदी अरब में दासता पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है लेकिन इसके बावजूद देश में कई विदेशी श्रमिक वर्तमान समय में ग़ुलामों जैसी स्थितियों में रहते हैं।

कुछ दस्तावेज़ी रिपोर्टें में यह बताया गया है कि सऊदी अरब में विदेशी श्रमिकों को अधिक काम करने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उन्हें थकान व यातना का सामना करना पड़ता है जबकि पानी और भोजन के अभाव जैसी समस्याओं को ही उन्हें झेलना पड़ता है।

सऊदी अरब में एक प्रायोजन प्रणाली है जो श्रमिकों को सऊदी नियोक्ता पर निर्भर करती है, हालांकि सऊदी सरकार प्रायोजन की प्रणाली को रद्द करने का दावा करती है फिर भी इसे व्यवहार में लागू किया जा रहा है।

सऊदी नियोक्ता जो खुद को विदेशी श्रमिकों का मालिक मानते हैं, उनके पहचान दस्तावेज़ों को जब्त कर लेते हैं और उन्हें सऊदी अरब छोड़ने की अनुमति नहीं देते हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार श्रमिकों के पहचान दस्तावेज़ों को रखना अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकारों का उल्लंघन है और यह जबरन श्रम और श्रमिकों के दुर्व्यवहार को इंगित करता है।

इसके अलावा इन श्रमिकों को दुर्व्यवहार और यातना का सामना करना पड़ता है और यहां तक ​​कि महिलाओं को भी हिंसा और यौन हमले का सामना करना पड़ता है।

सऊदी श्रमिकों की तुलना में विदेशी श्रमिकों की मज़दूरी भी बहुत कम है। सऊदी अरब में विदेशी कामगारों के काम के घंटे भी लंबे हैं और कुछ नियोक्ताओं के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध भी रहते हैं।

सऊदी अरब में विदेशी कामगारों की ख़रीद-फ़रोख्त का बाज़ार इतना गर्म है कि उन्होंने इस बाबत एक एप्लीकेशन तक तैयार कर लिया है। अंग्रेजी अखबार "टाइम्स" ने एक रिपोर्ट में लिखा है कि सऊदी अरब में सबसे लोकप्रिय ई-कॉमर्स एप्लिकेशन हर दिन बड़ी संख्या में विदेशी श्रमिकों की तस्करी का गवाह बन रहा है। इस अंग्रेज़ी अखबार ने लिखा कि अल हर्राज एप्लिकेशन जिसे सऊदी अरब में सबसे बड़ा ऑनलाइन बाज़ार माना जाता है, इसमें घरेलू काम सेवाओं की बिक्री और किराये के लिए सऊदी नागरिकों द्वारा प्रकाशित दर्जनों विज्ञापन देखे जा सकते हैं जिसमें नौकरानियां, नर्स, ड्राइवर माली इत्यादि की सेवाएं शामिल होती हैं। (AK)

 

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