क़ातिल ने ख़ुद माना, गोली चलाने का दिया आदेश
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ज़ायोनी शासन के पूर्व प्रधान मंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने फ़िलिस्तीनियों पर गोली चलाने का आदेश दिया था।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १६, २०२३ ०९:४३ Asia/Kolkata

ज़ायोनी शासन के पूर्व प्रधान मंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने फ़िलिस्तीनियों पर गोली चलाने का आदेश दिया था।

नेफ़्ताली बेनेत ने जून 2020 में ज़ायोनी शासन के नए प्रधान मंत्री के रूप में सत्ता संभाली और बिनयामीन नेतेनहू की जगह ली। बेनेत केवल एक वर्ष के लिए सत्ता में रहे और जुलाई 2021 में याईर लापी को प्रधान मंत्री का पद सौंप दिया।

फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ हिंसा, ज़ायोनी शासन की एक प्रमुख विशेषता है जिसे नेफ्ताली बेनेत के एक साल के कार्यकाल के दौरान दोहराया गया था।

ज़ायोनी अधिकारियों ने बारम्बार विभिन्न देशों के अधिकारियों के साथ विभिन्न फ़िलिस्तीनी गुटों पर भी आतंकवादी अभियान चलाने और आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया हालांकि अब नेफ़्ताली बेनेत की यह स्वीकारोक्ति कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से फ़िलिस्तीनियों को गोली मारने का आदेश दिया था, इस शासन के सरकारी आतंकवाद का एक स्पष्ट उदाहरण है।

ज़ायोनी शासन के पूर्व प्रधान मंत्री ने इस राज़ से पर्दा उठाया कि उन्होंने अघोषित रूप से फ़िलिस्तीनियों पर गोली चलाने की अनुमति को बदल दिया था और फ़िलिस्तीनियों का नरसंहार करने के लिए सैनिकों और ज़ायोनी बस्तियों के निवासियों को खुली छूट दे दी थी।

ज़ायोनी शासन के चैनल-7 ने नेफ्ताली बेनेत के हवाले से कहा कि उन्होंने प्रधान मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान यह आदेश जारी किया था, लेकिन उन्होंने इसे मीडिया का मुद्दा नहीं बनने दिया, बल्कि इसे गोपनीय और प्रत्यक्ष तरीक़े से कमांडरों, सैन्य इकाईयों विशेषकर जेनीन में काम करने वाली इकाईयों को सूचित किया था।

एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि बेनेत ने कहा कि उन्होंने यह आदेश जेनिन में किए जा रही प्रतिरोधक कार्यवाईयों से निपटने के लिए जारी किया था। जेनिन इलाक़े पर ध्यान इस तथ्य के कारण है कि पिछले एक साल में जेनिन में कई प्रतिरोध गुटों का गठन किया गया था और जेनिन से ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ कई प्रतिरोधक अभियान चलाए गए थे। इस संबंध में ज़ायोनी शासन के पूर्व प्रधान मंत्री ने स्वीकार किया कि उन्होंने जेनिन के विभिन्न क्षेत्रों में कई अभियानों के बाद फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ गोली चलाने का आदेश दिया।

ज़ायोनी शासन के सरकारी आतंकवाद का एक अन्य उदाहरण है जबकि बेनेत की स्वीकारोक्ति को फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध गुटों के सामने इस शासन की अक्षमता भी मानी जाती है। वास्तव में, ज़ायोनी शासन ने जो इस क्षेत्र में सबसे मजबूत और ताक़तवर सेना होने का दावा करता है, फ़िलिस्तीनियों के प्रतिरोध अभियानों के खिलाफ हत्याओं और नरसंहारों का सहारा लिया है।

फ़िलिस्तीनी प्रशासन के प्रवक्ता इब्राहिम मलहम ने कहा कि इस्राईली सेना द्वारा मारे गए फ़िलिस्तीनियों की संख्या के मामले में 2022 सबसे ख़राब वर्ष था। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के 12 महीनों के दौरान वेस्ट बैंक और ग़ज़्ज़ पट्टी में ज़ायोनी शासन द्वारा 225 लोग शहीद हुए। (AK)

 

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