नेतनयाहू ने ईरान के ख़िलाफ़ नया व अजीब दावा कर दिया
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इस्राईली प्रधानमंत्री ने तेहरान विरोधी दावा करते हुए कहा है कि ईरानी मिसाइल यूरोप सहित बहुत से देशों तक पहुंच सकते हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar १०, २०२३ १०:३७ Asia/Kolkata

इस्राईली प्रधानमंत्री ने तेहरान विरोधी दावा करते हुए कहा है कि ईरानी मिसाइल यूरोप सहित बहुत से देशों तक पहुंच सकते हैं।

बिनयामिन नेतनयाहू ने यह दावा ऐसी स्थिति में किया है जब अवैध अधिकृत फिलिस्तीन में रहने वाले कई सप्ताहों से उनकी अतिवादी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। रोचक बात यह है कि बिनयामिन ने एक साक्षात्कार में यह भी दावा किया है कि अवैध अधिकृत फिलिस्तीन में डेमोक्रेसी मज़बूत है। उन्होंने अपनी नीतियों के खिलाफ कई सप्ताहों से होने वाले प्रदर्शनों के बारे में पूछे सवाल के जवाब में कहा कि मैं कहता हूं कि यह प्रदर्शन इस बात के सूचक हैं कि हमारी डेमोक्रेसी बहुत मज़बूत है।

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि हम प्रदर्शनों पर नियंत्रण कर लेंगे और सुधार कार्य जारी रहना चाहिये। साक्षात्कार में उनसे पूछा गया कि जब इतने बड़े पैमाने पर आपकी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं तो इस प्रकार की हालत में अपनी नीतियों को जारी रहने पर क्यों बल दे रहे हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि क्योंकि लोग पालिकाओं के मध्य शक्ति के संतुलित देखना चाहते हैं और विधि पालिका ज़रूरत से ज़्यादा सक्रिय थी और सीमा से अधिक उसे अधिकार प्राप्त थे जिसके नतीजे में संतुलन बिगड़ रहा था ऐसी हालत में सुधार ज़रूरी था।

जानकार हल्कों का मानना है कि जब अवैध अधिकृत फिलिस्तीन में आम लोगों और जायोनियों का गुस्सा नेतनयाहू की नीतियों के खिलाफ फूट पड़ा है और लोग सड़कों पर आ गये हैं तो ऐसी हालत में नेतनयाहू ने जो यह कहा है कि ईरानी मीसाइल यूरोप सहित दुनिया के बहुत से देशों तक पहुंच सकते हैं तो उन्होंने अपने इस दावे से अपनी नीतियों के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों से आम जनमत का ध्यान हटाने और यह बताने का प्रयास किया है कि अवैध अधिकृत फिलिस्तीन के हालात सामान्य हैं जबकि कुछ दूसरे टीकाकारों का मानना है कि नेतनयाहू ने अपनी विफलताओं को छिपाने और उन पर पर्दा डालने के लिए कहा कि ईरानी मीसाइल यूरोप सहित बहुत से देशों तक पहुंच सकते हैं।

जानकार हल्कों का मानना है कि नेतनयाहू ने तेहरान विरोधी दावा करके यह दर्शा दिया कि उनकी सबसे बड़ी चिंता ईरान की बढ़ती सैनिक ताक़त है और यह वह चीज़ है जो न केवल इस्राईल बल्कि उसके आक़ाओं की भी चिंता है।

हर देश को अपनी रक्षा तैयारी का अधिकार प्राप्त है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मान्य सिद्धांत है और इसमें किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है परंतु अपनी रक्षा के लिए परमाणु हथियारों, सामूहिक विनाश के हथियारों और इसी प्रकार रासायनिक व जैविक हथियारों का विस्तार व प्रयोग मना है जबकि विश्व जमनत को भली-भांति ज्ञात है कि अमेरिका और पश्चिमी देश और इसी प्रकार अवैध जायोनी शासन के पास परमाणु और सामूहिक विनाश के हथियार भी हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मना हैं और विश्व की शांति व सुरक्षा के लिए खतरा हैं परंतु कोई भी अमेरिका और पश्चिमी देशों यहां तक कि अवैध जायोनी शासन के परमाणु हथियारों की बात नहीं करता और कोई भी उनसे नहीं पूछता कि परमाणु हथियारों का जो आधुनिकीकरण किया जा रहा है यह किस अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किया जा रहा है। यह उस स्थिति में है जब जायोनी शासन के पास 200 से अधिक परमाणु वार हेड्स हैं जो विश्व विशेषकर क्षेत्र की शांति व सुरक्षा के लिए गम्भीर खतरा हैं।

जानकार हल्कों का मानना है कि जो लोग ईरान की वैध सैन्य शक्ति चिंतित हैं वे वास्तव में अपने अवैध हथियारों से आम जनमत का ध्यान हटाने की चेष्टा में हैं और आज का विश्व जनमत पहले की अपेक्षा इस बात को बहुत अच्छी तरह जान चुका है कि विश्व की शांति व सुरक्षा के लिए वास्तविक और गम्भीर खतरा कौन है। MM

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