नेतनयाहू को खोखली धमकी देने से बचना चाहिएः हिज़बु्ल्ला
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हिज़बुल्लाह के विरुद्ध खोखली धमकी के व्यवहारिक होने की स्थति में नेतनयाहू की बहुत बदनामी होगी।
(last modified 2023-07-31T04:39:57+00:00 )
Jul ३१, २०२३ १०:०३ Asia/Kolkata

हिज़बुल्लाह के विरुद्ध खोखली धमकी के व्यवहारिक होने की स्थति में नेतनयाहू की बहुत बदनामी होगी।

वर्तमान समय में जिस चीज़ ने अवैध ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री नेतनयाहू को बहुत चिंतित कर रखा है वह है लेबनान से मिलने वाली इस्राईल की सीमा पर तनाव और सैयद हसन नसरुल्लाह की धमकी। 

आशूरा के अवसर पर अपने संबोधन में हिज़बुल्ला के महासचिव सैयद हसन नसरुल्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि इस्राईल की ओर से की जाने वाली किसी भी मूर्खतापूर्ण कार्यवासही का जवाब मुंहतोड़ दिया जाएगा।  इसी के साथ उन्होंने लेबनान के क्षेत्र से नेतनयाहू से अपने सैनिकों को तत्काल निकालने की भी मांग की है।  हिज़बुल्ला के महासचिव की धमकी के बाद नेतनयाहू ने रविवार को ज़ायोनी शासन के सैन्य अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की।  इस बैठक में हिज़बुल्ला ही धमकी से निबटने के बारे में विचार-विमर्श किया गया। 

आपाताकलीन इस बैठक के बाद हिज़बुल्लाह की धमकी से उत्पन्न अपने भय को छिपाने के लिए नेतनयाहू ने यह दावा किया कि हसन नसरुल्ला को चाहिए कि वे इस्राईल की सेना की परीक्षा न लें तो बेहतर होगा।  यहां पर जो बात पूरे विश्वास के साथ कही जा सकती है वह यह है कि आयु के बढ़ने के साथ ही नेतनयाहू की स्मरणशक्ति कमज़ोर होती जा रही है।  वर्तमान समय में नेतनयाहू को गंभीतर आंतरिक समस्याओं का सामना है और उनके अतिवादी मत्रीमण्डल की समाप्ति की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। 

इस बात को तो सभी जानते हैं कि सन 2006 के युद्ध में लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन की शक्ति का पूरा अंदाज़ा इस्राईल को हो ही चुका है।  एसे में हिज़बुल्ला को नेतनयाहू की धमकी का कोई अर्थ नहीं रह जाता क्योंकि वर्तमान समय में हिज़बुल्ला की शक्ति 2006 में होने वाले युद्ध की तुलना में बहुत अधिक बढ़ चुकी है। 

एसे में नेतनयाहू को खोखली धमकी देने से बचना चाहिए क्योंकि व्यवहारिक होने की स्थिति में बदनामी उनकी ही होगी।  दूसरी ओर हिज़बुल्लाह के जियाले हर प्रकार की संभावित कार्यवाही के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।  उनकी इसी तैयारी के कारण अवैध ज़ायोनी शासन की ओर से आए दिन धमकियां तो दी जाती हैं किंतु व्यवहारिक रूप में कोई क़दम नहीं उठाया जा रहा है। 

नेतनयाहू को बहुत अच्छी तरह से पता है कि हिज़बुल्ला के डेढ लाख से अधिक मिसाइल और सैकड़ों ड्रोन विमान पूरी तरह से तैयार हैं। केवल एक इशारे में वे तेलअवीव को तबाह करने की प्रतीक्षा में हैं।  इन बातों के दृष्टिगत नेतनयाहू की खोखली धमकी की वास्तविकता सबके लिए बहुत ही स्पष्ट है।

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