फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ अन्यायपूर्ण आदेशों का सिलसिला जारी
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ज़ायोनी शासन विभिन्न बहानों से क़ैदी फ़िलिस्तीनियों की हिरासत की मुद्दत बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २८, २०१६ १५:५९ Asia/Kolkata

ज़ायोनी शासन विभिन्न बहानों से क़ैदी फ़िलिस्तीनियों की हिरासत की मुद्दत बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।


 उसकी इस अमानवीय कार्यवाही पर फ़िलिस्तीनियों में आक्रोश है।

फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के अध्ययन केन्द्र ने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से फ़िलिस्तीनियों की हिरासत को ख़त्म करने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है।

पिछले साल ज़ायोनी शासन के न्याय तंत्र ने 493 फ़िलिस्तीनियों को हिरासत में लेने का आदेश दिया था जबकि इस साल अब तक 729 फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ इस तरह का आदेश जारी हुआ जो पिछले साल की तुलना में 35 फ़ीसद ज़्यादा है।

ज़ायोनी शासन के अपराध के इतिहास को देख कर यह कहा जा सकता है कि इस शासान ने फ़िलिस्तीनियों के अधिकारों को पूरी तरह ख़त्म करने की दिशा में क़दम उठाया है। ज़ायोनी शासन की अमानवीय कार्यवाही में फ़िलिस्तीनियों को बिना आरोप पत्र के प्रशासनिक हिरासत में रखना भी शामिल है। ज़ायोनी शासन का यह क़दम सभी मानवाधिकार व अंतर्राष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है।

प्रशासनिक हिरासत, बिना आरोप पत्र के एक प्रकार की क़ैद है। प्रशासनिक हिरासत के तहत ज़ायोनी अधिकारी असीमित समय तक फ़िलिस्तीनियों को क़ैद रख सकते हैं। इस प्रकार फ़िलिस्तीनी क़ैदी बिना किसी आरोप व आरोप पत्र के इस शासन की जेल में क़ैद हैं।

ज़ायोनी शासन फ़िलिस्तीनियों को गिरफ़्तार करके उनके मन में भय बिठाना चाहता है ताकि वे प्रतिरोध से पीछे हट जाएं। इसी प्रकार यह शासन अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए किसी भी अपराध से संकोच नहीं करता।

फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के साथ ज़ायोनी शासन के बढ़ते अमानवीय व्यवहार के नतीजे में बहुत से क़ैदी फ़िलिस्तीनी शहीद हो गए और बड़ी संख्या में क़ैदी फ़िलिस्तीनी ला इलाज बिमारी का शिकार हो चुके हैं।

फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के संबंध में विश्व समुदाय की ओर से लापरवाही के कारण न सिर्फ़ इन क़ैदियों की जान पहले से ज़्यादा ख़तरे में पड़ गयी है बल्कि ज़ायोनी शासन में बड़ी संख्या में फ़िलिस्तीनियों को क़ैद करने का दुस्साहस बढ़ गया है।

इस स्थिति में विश्व समुदाय की यह ज़िम्मेदारी है कि वह फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के समर्थन में गंभीर उपाय करते हुए, इन क़ैदियों को रिहा कराने के लिए फ़िलिस्तीनियों की कोशिश में साथ दे। (MAQ/T)