रफह पास को दोबारा बंद कर दिया गया
"अलअकसा तूफान" नामक ऑप्रेशन के 15वें दिन कुछ घंटे के लिए शनिवार को रफह पास खोली गयी थी जिसके बाद उसे दोबारा बंद कर दिया गया।
प्राप्त समाचारों के अनुसार गज्जा पट्टी के लिए मानवता प्रेमी सहायताओं को लेकर मात्र 20 ट्रकों के गुजरने के बाद मिस्री अधिकारियों ने रफह पास को शनिवार को दोबारा बंद कर दिया।
समाचार एजेन्सी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार जायोनी सरकार ने गज्जा पट्टी के विभिन्न क्षेत्रों पर हवाई हमला किया जिसमें 50 से अधिक फिलिस्तीनी शहीद हो गये। गज्जा पट्टी के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफुल कुद्रा ने कहा है कि अगर ईंधन और चिकित्सा सेवायें गज्जा पट्टी नहीं भेजी गयीं तो गज्जा पट्टी के अस्पताल कब्रिस्तान में परिवर्तित हो जायेंगे।
एक जानकार सूत्र ने बताया है कि जायोनी जो गज्जा पट्टी पर ज़मीनी हमला करना चाहते हैं उससे उनका अस्ल लक्ष्य उन बंदियों की हत्या कर देना है जिन्हें हमास ने बंदी बना रखा है ताकि इस्राईल को फिलिस्तीनियों के खिलाफ अपने मानवता विरोधी अपराधों का औचित्य दर्शाने का एक और बहाना मिल जाये जबकि कुछ अन्य हल्कों का कहना है कि जायोनी सैनिक जो गज्जा पट्टी में ज़मीनी कार्यवाही आरंभ नहीं कर रहे हैं तो उसकी वजह यह है कि जायोनी सैनिक डर रहे हैं।
दूसरी ओर गज्जा पट्टी के वक्फ मंत्रालय ने सूचना दी है कि अलअक्सा तूफान के आरंभ से लेकर अब तक जायोनी सरकार ने 26 मस्जिदों को भी शहीद कर दिया है।
हिब्रू भाषा के संचार माध्यमों ने स्वीकार किया है कि जायोनी सरकार की सेना की गुप्त छावनी के बारे में हमास के पास बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां हैं।
इसी बीच हमास की सैनिक शाखा इज्जुद्दीन कस्साम ने कहा है कि वह दो इस्राईली बंदियों को आज़ाद करना चाहते थे परंतु इस्राईल ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।
इज्जुद्दीन कस्साम के प्रवक्ता अबू उबैदा ने एक संदेश में एलान किया है कि शनिवार को कतरी भाईयों को एलान करके बताया था कि वे दो इस्राईली बंदियों को मानवता के आधार पर आज़ाद करना चाहते थे और इसके बदले में उन्हें किसी प्रकार कोई अपेक्षा नहीं थी परंतु इस्राईली सरकार इन दोनों इस्राईली बंदियों को लेने के लिए तैयार नहीं हुई। MM
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